लखनऊ की गोमती नगर पुलिस ने मुख्यमंत्री के आदेश पर अलीगढ़ के अतरौली से सपा के पूर्व विधायक वीरेश यादव व उनकी पत्नी रेखा यादव पर जालसाजी, अमानत में खयानत और जानमाल की धमकी का केस दर्ज किया है।
दोनों पर सीआईएसएफ से रिटायर्ड इंस्पेक्टर को मकान बेचने का झांसा देकर रकम हड़पने का आरोप है। पांच साल से चक्कर काट रहे बुजुर्ग की शिकायत पर सरकार बदलने पर सुनवाई हुई।
पुलिस के मुताबिक, गोमती नगर के विशाल खंड निवासी पूर्व विधायक वीरेश यादव व उनकी पत्नी रेखा यादव ने वर्ष 2011 में चिनहट की गुलजार कॉलोनी कमता निवासी व सीआईएसएफ से रिटायर्ड इंस्पेक्टर रईस अहमद और उनकी पत्नी सुल्ताना किश्वर से 87 लाख रुपये में मकान का सौदा किया था।
रेखा यादव ने एक नवंबर 2011 को दो गवाहों की मौजूदगी में 25 लाख रुपये नकद व पांच लाख का चेक लेकर लिखित अग्रीमेंट किया। छह महीने बाद वीरेश व रेखा मकान बेचने से इन्कार करने लगे।
पूर्व सपा विधायक के खिलाफ नहीं सुनी शिकायत
वीरेश यादव
- फोटो : demo pic
बुजुर्ग रईस अहमद ने अपनी रकम लौटाने को कहा तो टालमटोल शुरू कर दी। कुछ दिनों बाद वीरेश यादव अलीगढ़ के अतरौली क्षेत्र से विधायक हो गए। तगादा करने पहुंचे रईस को सपा का विधायक होने की धौंस के साथ जानमाल की धमकी देकर भगा दिया।
बुजुर्ग दंपती का कहना है कि थाने में सुनवाई न होने पर पुलिस के आला अफसरों से गुहार लगाई। सपा विधायक वीरेश यादव के खिलाफ किसी ने शिकायत नहीं सुनी।
विधायक की धमकी के चलते रईस को अपने परिवार की सुरक्षा का खतरा था। सरकार बदलने पर रईस ने पुलिस अफसरों के साथ मुख्यमंत्री को अर्जी भेजी थी। सीएम के आदेश पर गोमती नगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
बुजुर्ग सुल्ताना किश्वर ने बताया कि उनके पति रईस अहमद 30 जून 2010 को सीएसआईएफ के इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इस पर मोटी रकम मिली तो गोमती नगर इलाके में अच्छा मकान खरीदने का इरादा बनाया। एक ब्रोकर के माध्यम से पूर्व विधायक वीरेश यादव व उनकी पत्नी रेखा से मकान का सौदा हुआ लेकिन, उन्होंने रकम हड़प ली।