नवयुग कन्या महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार।
लखनऊ। देश में सर्कुलर इकॉनमी भविष्य की जरूरत है। ये एक रेखीय अर्थव्यवस्था का विकल्प है जिसमें उत्पादों, सामग्रियों और संसाधनों का दोबारा उपयोग मरम्मत पुनर्निर्माण और पुनर्चक्रण किया जाता है। जो लंबे समय तक अर्थव्यवस्था में बना रहे। ये बातें ख्वाजा मुईनु्द्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहीं। मौका था शनिवार को नवयुग कन्या महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के समापन का। विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुज कुमार शर्मा ने स्टार्टअप पर जोर दिया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय, सहायक आचार्य डॉ. नेहा अग्रवाल सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे।