लखनऊ। गौतमपल्ली के मार्टिनपुरवा इलाके में रहने वाले वेटर रवि की पत्नी और बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद मोहल्ले में शुक्रवार को सन्नाटा था।
बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी रवि कुमार कैसरबाग के जिमखाना क्लब में वेटर था। उसने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर पत्नी सौम्या ने खाना बनाया।
उसने बच्चों संग खाना खाया और फिर ड्यूटी पर चला गया। उसको इसका जरा सा भी अंदेशा नहीं था कि पत्नी ऐसा कुछ कर सकती है। मोहल्ले वालों ने बताया कि शाम को रवि का बेटा विराट छत पर खेल रहा था। उसकी गेंद छत से नीचे आ गई थी तो उसने पड़ोसियों से गेंद मांगी थी।
मोहल्ले वालों ने उसकी गेंद भी दी थी। उस वक्त सबकुछ ठीक था। रात को सौम्या ने रोज की तरह पानी भी भरा था। किसी को इस बात का अंदाजा ही नहीं था कि सौम्या के मन में क्या चल रहा है। मार्टिनपुरवा इलाके में कुछ दूरी पर रहने वाले रवि के भाई चंद्रशेखर ने बताया कि रवि की चार साल पहले बिहार के छपरा की सौम्या से शादी हुई थी।
रोज दरवाजा और खिड़की खुले रहते थे, रात में मिले बंद
रवि ने बताया कि रोज रात में सौम्या खिड़की खोलकर और बिना दरवाजा बंद किए ही सोती थी, क्योंकि वह देर रात में ड्यूटी से लौटता था। इसलिए दरवाजा बंद नहीं होता था। बृहस्पतिवार रात रवि जब काम से लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद था और खिड़कियां भी भिड़ी थीं। यह देख रवि का माथा ठनक गया। उसने फौरन खिड़की पर हाथ मारा तो एक पल्ला खुल गया। झांका तो अंदर का मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर किराएदार और मोहल्ले वाले जमा हो गए। लोगों ने खिड़की से झांका तो सौम्या, विराट और अंशु का शव फंदे से लटकता मिला।
चिडचिड़ा हो गया था सौम्या का स्वभाव
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रवि ने बातों-बातों में बताया कि काफी दिनों से सौम्या चिड़चिड़े स्वभाव की हो गई थी। बात-बात पर गुस्सा हो जाती थी और बच्चों के साथ मारपीट भी करने लगी थी। डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चल रहा है कि सौम्या के सपने काफी बड़े थे और उसकी कई ख्वाहिशें थीं, जो पूरी नहीं हो पा रही थीं। अभी तक ऐसा लग रहा है कि इन्हीं सब उलझनों में घिरी सौम्या ने बच्चों की हत्या करने के बाद खुद अपनी जिंदगी भी खत्म कर ली। पुलिस ने छानबीन के लिए सौम्या और उसके पति रवि के मोबाइल फोन को अपने कब्जे में ले लिया है। सौम्या के मायके वाले अगर कोई तहरीर देते हैं तो उस आधार पर केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मां का कलेजा नहीं कांपा, कैसे जिगर के टुकड़ों को फंदे से टांगा होगा
मार्टिनपुरवा इलाके में लोग तरह-तरह की बातें कर रहे थे। कोई कारण जानना चाह रहा था तो कुछ इस बात पर दंग थे कि एक मां ने कैसे अपने जिगर के टुकड़ों में फंदे पर टांग दिया। रवि के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने बताया कि उसको तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि कोई मां इतनी सख्त दिल भी हो सकती है। बुजुर्ग महिला को सुबह तक पता नहीं था कि दोनों मासूमों की मौत हो चुकी है। जब मोहल्ले वालों ने बताया कि दोनों मासूम बच्चे अब इस दुनिया में नहीं रहे तो बुजुर्ग महिला की आंख से आंसू छलक पड़े। उसने तल्ख लहजे में कहा कि मरना था अकेली मर जाती। मासूम बच्चों को आखिर क्यों मार डाला?
रात 9 से 10 बजे के बीच वारदात, तीनों की पोस्टमार्टम में आई हैंगिंग
सौम्या और उसके दोनों मासूम बच्चों का शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पीएम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि तीनों की मौत फंदे पर लटकने से हुई थी। डॉक्टरों का कहना है कि मौत का समय रात 9 से 10 बजे के बीच का है। विसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि सौम्या ने या तो दोनों बच्चों को पहले सुलाया और फिर गहरी नींद में होने के बाद चुपके से फंदे पर टांग दिया। या बच्चों को खाने में कुछ ऐसा दिया, जिससे वह अचेत हो गए और फिर दोनों को टांग दिया।
पिपरा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
सौम्या के जेठ चंद्रशेखर ने बताया कि उन लोगों ने हादसे की सूचना सौम्या के मायके वालों को दी। जवाब मिला कि सौम्या और उसके बच्चों का अंतिम संस्कार कर दो, वह लोग तीन-चार दिन में आएंगे। पोस्टमार्टम के बाद कैंट के पिपरा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।