लखनऊ। इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला में मंगलवार को विश्व एस्टेरॉयड दिवस मनाया गया। बच्चों को बताया गया कि एस्टेरॉयड प्लैटिनम, सोना और दुर्लभ धातुओं से भरे होते हैं। इस्ट्रैक (आईएसटीआरएसी)-इसरो के वैज्ञानिक राजीव कुमार ने उल्कापिंड का नमूना दिखाया। उन्होंने बताया कि उल्कापिंड सौरमंडल के निर्माण का इतिहास संजोए हैं। भोपाल से आए सप्तऋषि इंडिया एस्टेरॉयड सर्च कैंपेन के राष्ट्रीय कन्वीनर व खगोलविद अमृतांशु वाजपेयी ने कहा कि एस्टेरॉयड सौरमंडल को समझने में सहायक हैं। खगोलविद शंकर दयाल पाठक ने एस्टेरॉयड माइनिंग से वैश्विक अर्थव्यवस्था में बदलाव की संभावना जताई। नासा 2023 में एस्टेरॉयड बेनु से नमूने लाई, जिनमें कार्बन और पानी के संकेत थे। ये भविष्य में अंतरिक्ष में ईंधन स्रोत बन सकते हैं। कार्यक्रम में एस्ट्रो क्विज भी हुई, जिसमें अंशिका वर्मा और गरिमा सिंह विजेता रहे। प्रतिभागियों ने सौर दूरबीनों से सूर्य का अवलोकन भी किया।