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पूर्व आईएएस की पत्नी के गर्ल्स हॉस्टल में पड़ा छापा, नाबालिग बच्चों से करवाया जा रहा था ये काम

Fri, 09 Aug 2019 04:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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यशोदा गर्ल्स हॉस्टल पर छापा - फोटो : amar ujala
लखनऊ के जानकीपुरम में एक पूर्व आईएएस अफसर की पत्नी के मां यशोदा गर्ल्स हॉस्टल पर बृहस्पतिवार को बाल संरक्षण आयोग ने छापा मारा। इस दौरान वहां किचन में दो नाबालिग काम करते मिले। महिला वार्डन और अन्य कमियों से नाराज होते हुए टीम ने हॉस्टल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
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यशोदा गर्ल्स हॉस्टल पर छापा - फोटो : amar ujala
बाल आयोग सदस्यों का कहना है कि हॉस्टल का पंजीकरण व अन्य औपचारिकताएं भी पूरी नहीं है। हॉस्टल में बाल श्रम व अन्य कमियों की जांच रिपोर्ट को लेकर बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने डीएम व संबंधित विभाग से उचित कार्रवाई को लिखा है।
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यशोदा गर्ल्स हॉस्टल पर छापा - फोटो : amar ujala
शिकायत के बाद बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता के निर्देश पर आयोग की सदस्य शुचिता चतुर्वेदी व डॉ. प्रीति वर्मा ने मां यशोदा गर्ल्स हॉस्टल में छापेमारी की। इस दौरान हॉस्टल के किचन में दो नाबालिगों को काम करते पाया गया। आयोग की सदस्य शुुचिता चतुर्वेदी ने बताया कि केयरटेकर कन्हैया लाल से जिम्मेदार को बुलाने को कहा तो काफी देर बाद हॉस्टल संचालक व पूर्व आईएएस अफसर के भाई एमपी तोमर आए।

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यशोदा गर्ल्स हॉस्टल पर छापा - फोटो : amar ujala
टीम के सवालों पर तोमर ने सफाई दी, लेकिन उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बाल आयोग की टीम ने करीब एक घंटे हॉस्टल के अंदर निरीक्षण किया। शुुचिता चतुर्वेदी ने बताया कि दस साल से कम उम्र के दोनों बच्चों से 30 से 35 लड़कियों का खाना पकवाने व सर्व कराने का काम कराया जा रहा था।
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छापेमारी में मिली आंगनबाड़ी की दलिया
बाल आयोग टीम को हॉस्टल के किचन में आंगनबाड़ी में बांटी जाने वाली दलिया के पैकेट मिले। इसके अलावा तहखाने में लगा सीसीटीवी कैमरा बंद मिला। तहखाने में एसी रूम व गेस्ट रुकने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए आयोग की टीम ने नाराजगी जताई।
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यशोदा गर्ल्स हॉस्टल पर छापा - फोटो : amar ujala
हॉस्टलर्स गर्ल्स को देते हैं वार्डन की जिम्मेदारी
बाल आयोग टीम की माने तो दो साल से यहां कोई महिला वार्डन नहीं है यहां पुरानी हास्टलर्स में से किसी एक को यह जिम्मेदारी सौंप दी जाती है, जिसके एवज में उसका किराये कर दिया जाता है। वहीं, लड़कियों का कहना है कि महिला वार्डन न होने से काफी असुविधा होती है। सालभर पहले महिला वार्डन की शादी के बाद से दूसरी महिला वार्डन अब तक नहीं रखी गई।
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यशोदा गर्ल्स हॉस्टल पर छापा - फोटो : amar ujala
कहना था कि हॉस्टल में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। देर रात तक गेट खुला रहता है। हास्टल संचालक कपूरथाल में रहते हैं जो कभी-कभार ही आते हैं।

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जांच के लिए जिलाधिकारी को लिखा पत्र
उप्र. राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता ने बताया कि मां यशोदा गर्ल्स हॉस्टल में बाल श्रमिक मिलने और कमियों के मद्देनजर जांच के आधार पर उच्च स्तरीय जांच के लिए डीएम लखनऊ को लिखा गया है। साथ ही संबंधित विभाग महिला व बाल कल्याण से कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए गए हैं। श्रम विभाग को भी उचित कार्रवाई के लिए कहा गया है। - विशेष गुप्ता, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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हॉस्टल संचालक ने दी सफाई
हॉस्टल में सारी व्यवस्थाएं हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे व कर्मचारी हैं। हर लड़की का रिकॉर्ड रहता है। बाल श्रमिक नहीं बच्चों के माता-पिता यहां साफ सफाई का काम करते हैं। इसके चलते ये बच्चे भी यहां आते जाते हैं।
- एमपी तोमर, संचालक मां यशोदा गर्ल्स हॉस्टल
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