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हद ही हो गई: बच्चे को लगना था टीका... एएनएम ने मां को लगा दिया; फिर उसी सिरिंज से बेटे को भी लगा दिया इंजेक्शन

Wed, 13 Mar 2024 11:04 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिससे आप हैरान हो जाएंगे। यहां सीएचसी में लापरवाही का मामला सामने आया है। एक बच्चे को टीका लगना था। लेकिन एएनएम ने मां को टीका लगा दिया।
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लखनऊ में लापरवाही की हद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ के अलीगंज सीएचसी में मंगलवार को घोर लापरवाही सामने आई। यहां एएनएम ने बच्चे के बजाय उसकी मां को टीका लगा दिया। हद तो तब हो गई, जब उसने मां को लगाई सिरिंज ही बाद में बच्चे को भी लगा दी। 
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इस पर परिजन ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मड़ियांव इलाका निवासी अमन साढ़े तीन माह के बेटे का टीकाकरण करवाने पत्नी शिप्रा के साथ सुबह अलीगंज सीएचसी पहुंचे। उन्होंने ओपीडी का पर्चा बनवाया, जिस पर डॉक्टर ने बच्चे के टीकाकरण के लिए लिखा। 

शिप्रा वैक्सीनेशन रूम गईं और एएनएम निर्मला पर्चा दिया। हालांकि, उसने बच्चे के बजाय उन्हें ही इंजेक्शन लगा दिया। इस पर शिप्रा ने चीखते हुए हाथ झटका तो सुई उनके हाथ में घुस गई और खून निकल आया। बच्चे के टीका लगने की बात कही तो निर्मला ने उसी सिरिंज से मासमू को भी टीका लगा दिया। 
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इस पर परिजन ने सीएचसी पर हंगामा शुरू कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. सोमनाथ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। उन्होंने बताया कि परिजन ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। कमेटी की जांच की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई होगी। 
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केजीएमयू : दिल के मरीजों के लिए शुरू होंगी छह विशिष्ट ओपीडी

उधर, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के हृदय रोग विभाग में दिल के रोगियों के लिए छह विशिष्ट ओपीडी चलेंगी। इसमें बच्चों के साथ ही वयस्कों की विशेष प्रकार की बीमारियों का इलाज होगा। इनका समय सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर एक बजे से दो बजे के बीच होगा।

 

केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि सोमवार को डॉ. अक्षय प्रधान हाइपरलिपिडेमिया की क्लीनिक चलाएंगे। मंगलवार को डॉ. गौरव चौधरी जन्मजात हृदय रोग, बुधवार को डॉ. आयुष शुक्ला एरिथमिया, बृहस्पतिवार को डॉ. अखिल शर्मा और डॉ. नीरज कुमार बच्चों की कंजेनाइटल हार्ट डिजीज और शुक्रवार को डॉ. प्रवेश विश्वकर्मा हार्ट फेल्योर क्लीनिक का संचालन करेंगे।

ये हैं विशिष्ट ओपीडी

सोमवार
हाइपरलिपिडेमिया में खून में एलडीएल की मात्रा तय मात्रा से अधिक होती है। खून के बहाव में कोलेस्ट्रॉल और अन्य फैटी पदार्थ मिलने की वजह से खून वाहिकाएं प्लाक नाम के पदार्थ की वजह से जाम होने लगती हैं।

मंगलवार
जन्मजात हृदय रोग, जन्म के समय हृदय की संरचना की खराबी के कारण होता है। इससे हृदय में जाने वाले रक्त का सामान्य प्रवाह प्रभावित होता है। इससे मामूली से गंभीर प्रकार की बीमारियां होती हैं।

 

बुधवार
एरिथमिया या अनियमित दिल की धड़कन एक ऐसी स्थिति का नाम है, जब हमारी धड़कन सामान्य नहीं होती है। दिल की धड़कन 100 प्रति मिनट से अधिक हो जाती है तो उसे टेकी एरिथमिया कहा जाता है। धड़कन 60 प्रति मिनट से नीचे होने पर इसे ब्रेडी एरिथमिया कहा जाता है।

 

बृहस्पतिवार
कंजेनाइटल हार्ट डिजीज क्लीनिक में हृदय की संरचना के विकास में शुरुआत में ही दिक्कत होने की समस्या का इलाज किया जाएगा। इस बीमारी में दिल तक खून का बहाव नॉर्मल नहीं रहता है। गर्भावस्था के दौरान किसी दवा के दुष्प्रभाव की वजह से बच्चे को इसका खतरा रहता है।

 
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शुक्रवार
हार्ट फेल्योर क्लीनिक का संचालन होगा। इसमें हार्ट फेल करने वाली नसों की बहाली करने के साथ ही मरीज के परिवार वालों की काउंसलिंग भी की जाएगी। इसमें समय पर दवा लेने तथा अन्य जानकारी दी जाएंगी।
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