जिले में बारिश और गर्मी बनी आफत, ओपीडी में भी बढ़े मरीज
डायरिया, बुखार, उल्टी-दस्त के चपेट में आए मरीजों हुए भर्ती
फोटो संख्या 14, 15
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। बारिश के साथ ही तेज गर्मी और उमस लोगों के लिए आफत बन गई है। चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। बुखार की चपेट में आने के बाद आठ साल के बच्चे की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को छह नवजातों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले जाकर भर्ती कराया गया। इसके अलावा डायरिया, बुखार, उल्टी-दस्त की चपेट में आए 15 और मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया है। इसमें आधे से अधिक बच्चे शामिल हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी संक्रामक बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
बुखार की चपेट में आने पर आठ साल के रितिक को जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी में चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा डायरिया की चपेट में आने से इरान (3), अंशी (1), यश (2), मदीना (2), शुभम (7) को भर्ती कराया गया है। बुखार से ग्रसित 10 बच्चों को भर्ती कराया गया है। इसमें चार बच्चे शामिल हैं। वार्डों में भर्ती करके सभी का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा केसरजहां, प्रीती, भारती, आरती, रुकइया और मोनी के नवजातों को भी बुखार की समस्या होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इनसेट
ओपीडी में आए 1900 मरीज, गर्मी से बिलबिलाए
जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को करीब 1900 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। इसमें करीब 800 मरीज, जुकाम, बुखार और डायरिया से ग्रसित रहे। जबकि रोजाना आसतन 1600 मरीज ओपीडी में आते हैं। गर्मी अधिक होने के कारण ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों को घंटों पसीना बहाना पड़ा। पंखे भी गर्मी अधिक होने के कारण बेकार साबित हुए। ओपीडी कक्षों के साथ ही परचा व दवा काउंटर और पैथोलॉजी में सुबह से ही लंबी लाइन देखने को मिली।
इनसेट
जिला अस्पताल का आईसीयू व पीकू वार्ड फुल
जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए बनाया गया आईसीयू व पीकू वार्ड फुल हो गया है। यहां आने वाले बच्चों को अन्य स्थानों पर भर्ती करके इलाज किया जाएगा। हालांकि हीट स्ट्रोक वार्ड भी बनाया गया है, लेकिन इस वार्ड में वर्तमान समय में मरीज भर्ती नहीं हैं।
वर्जन
मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बंदोबस्त
जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बंदोबस्त है। दवा के साथ ही जांच की भी व्यवस्था है। भर्ती होने वाले मरीजों को अस्पताल से ही दवाएं दी जा रही हैं। सभी चिकित्सकों को मरीजों का बेहतर इलाज करने का आदेश दिया है। सीजन के कारण मरीज बढ़ रहे हैं।
डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल