हर बार की तरह फिर से चीफ सेक्रेटरी के दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर जाने की हवा उड़ी।
बाद में पता चला कि इस बात में कोई दम नहीं है। पंचम तल के गलियारों की खबर है कि बार-बार ऐसी अफवाहों के पीछे एक आला पुलिस अफसर हैं।
उनकी हसरत सूबे की पुलिस का मुखिया बनने की है। सरकार अपने समीकरण पर चल रही है।
मौजूदा चीफ सेक्रेटरी के रहते डीजीपी की लाइन में खड़े इन आईपीएस महाशय का समीकरण गड़बड़ाता नजर आ रहा था।
पहले शर्माजी के हटने के पहले ऐसी ही कोशिश हुई, मगर जब हल्ला ज्यादा बढ़ा तो चीफ ने सामने आकर चकल्लस की हवा निकाल दी।
बाद में दोनों अहम पद एक समुदाय को देने से गड़बड़ाने वाले समीकरण में वह रह गए। अब नागर साहब के जाने का वक्त हो रहा है। हवा फिर उड़ी।
समीकरण यह कि चीफ दिल्ली जाएंगे तो महाशय की लाइन क्लीयर हो जाएगी। लेकिन किस्मत के ताले अब भी खुलते नहीं दिख रहे।