लखनऊ। निशातगंज स्थित कैफी आजमी सभागार में 22 नवंबर को कथाक्रम का आयोजन किया जाएगा। सुबह 10:30 बजे से शाम छह बजे तक चलने वाले इस अखिल भारतीय कार्यक्रम का विषय ''एआई : साहित्य, चुनौतियां और भविष्य'' रखा गया है। कार्यक्रम के माध्यम से साहित्य और रचनात्मकता पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव, उसकी संभावनाओं और सीमाओं पर संवाद किया जाएगा। क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कहानी, कविता और उपन्यास लिखने में मनुष्य की जगह ले सकती है? क्या मशीन के लिखे साहित्य को मौलिक और रचनात्मक माना जा सकता है? साहित्य में मानवीय संवेदना, कल्पना और सामाजिक सरोकारों की भूमिका क्या होगी? इन सवालों पर कथाक्रम के 34वें समारोह में देशभर के साहित्यकार, आलोचक और तकनीकी विशेषज्ञ मंथन करेंगे। आयोजक शैलेंद्र सागर ने बताया कि कार्यक्रम की संयोजन समिति में साहित्यकार शिवमूर्ति, राकेश, रजनी गुप्त और वीरेंद्र सारंग शामिल हैं।