लखनऊ। न्यू गणेशगंज निवासी अधिवक्ता ने स्टांप के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के पांच आरोपियों के खिलाफ कैसरबाग थाने में केस दर्ज कराया है। शशांक ने बताया कि कोर्ट में वर्ष 2015 में एक वाद मो.इरफान बनाम राम कुमार शुक्ला व अन्य विचाराधीन है। 20 फरवरी 2013 को पारिवारिक समझौता प्रस्तुत किया गया था। आरोप है कि उक्त दस्तावेज जाली होने के साथ ही पुरानी तारीख में तैयार किए गए थे। दस्तावेज में वर्ष 2009 के सौ रुपए के स्टांप पेपर पर मामले का निष्पादित होना दर्शाया गया था। बाद में इसे न्यायालय में पेश किया गया। पीड़ित ने मार्च 2023 में आरटीआई के तहत डीएम कार्यालय से जानकारी मांगी थी। इस पर जवाब दिया गया कि स्टांप विक्रेता डीके रस्तोगी ने एक अगस्त 2012 से 31 मार्च 2013 तक की बिक्री रजिस्टर कार्यालय में जमा नहीं किया था। इस ठगी में स्टांप विक्रेता डीके रस्तोगी, गणेशगंज के मो. इरफान व बेटे मो. एहसान, बशीरतगंज के गवाह मो. अजीम और सौभाग्य यादव में शामिल थे। जांच पूरी होने पर वकील ने थाने में तहरीर दी थी। इंस्पेक्टर अंजनी मिश्र ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है।