गदागंज (रायबरेली)। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के अस्थायी गोवंश आश्रम धूता में 150 गोवंशों की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। बीडीओ के अलावा पशु चिकित्साधिकारी जगतपुर और ग्राम प्रधान समेत नौ लोगों पर रविवार को गदागंज थाने में गोवध निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। पीडि़त पक्ष ने इन लोगों पर गोवंशों की हत्या करने का आरोप लगाया है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
जगतपुर ब्लॉक एवं गदागंज थाना क्षेत्र के धूता ग्राम पंचायत के नरायन भीट निवासी उमानाथ सिंह ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि अस्थायी गोवंश आश्रम धूता में 1100 गोवंश संरक्षित हैं। 24 जनवरी की रात संरक्षित में से 150 गोवंश की मौत हो चुकी थी, जबकि कुछ मरणासन्न अवस्था में थे। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान व संचालन समिति ने किसी को नहीं दी, बल्कि गोवंशों को जंगल में ले जाकर उनको मारा जा रहा था। विरोध करने पर ग्राम प्रधान ने गालीगलौज करते हुए जानमाल की धमकी दी थी।
अधिकारियों की ओर से भी प्रकरण में कोर्ई कार्रवाई नहीं की गई। गदागंज थाना प्रभारी राकेशचंद्र आनंद ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर ग्राम प्रधान धूता बलराम यादव, बीडीओ जगतपुर, पशु चिकित्साधिकारी जगतपुर, ग्राम विकास अधिकारी धूता और चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।