लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में बुधवार को दो दिवसीय राज्य स्तरीय विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बीबीएयू और एनसीईआरटी के मनोदर्पण प्रकोष्ठ ने संयुक्त रूप से इसे आयोजित किया। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने भारतीय ज्ञान परंपरा की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में व्यक्ति, समाज, सभ्यता, प्रकृति और पर्यावरण को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया। कुलपति ने शिक्षकों से भारतीय विरासत को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कुलपति ने कहा कि भारत को वैश्विक ज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों को पहल करनी होगी। उत्तर प्रदेश के समग्र शिक्षा (माध्यमिक) के संयुक्त शिक्षा निदेशक विवेक नौटियाल ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विचार साझा किए।