लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में सीए इन्टर्न देवेश त्रिपाठी (23) ने शनिवार देर रात मोबाइल फोन पर सुसाइड नोट लिखकर बहन को मैसेज भेजा और कमरे में पंखे से चादर का फंदा कसकर फांसी लगा ली।
सवेरे जागी बहन ने मैसेज पढ़कर पिता को कॉल की। माता-पिता इकलौते बेटे के कमरे की तरफ दौड़े। वहां शव लटका था। पुलिस को कॉल की। छानबीन के बाद पुलिस ने पिता के अनुरोध पर बगैर पोस्टमार्टम के शव उन्हें सौंप दिया।
पुलिस के मुताबिक, हुसैनगंज के लालकुआं स्थित बांकेलाल निगम लेन निवासी देवेश त्रिपाठी (23) ने शनिवार रात 1:54 बजे अपनी बड़ी बहन स्वाति को मैसेज भेजा। उसमें लिखा ‘मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है।
ईश्वर से मैं प्रार्थना कर रहा हूं कि अगर दोबारा जीवन मिले तो मेरा जीवन एक्सेप्ट करें, गुडबाय’। इसके बाद पंखे से चादर का फंदा कसकर फांसी लगा ली। गोमतीनगर स्थित ससुराल में रह रही स्वाति ने रविवार सुबह सात बजे मोबाइल फोन चेक किया।
छोटे भाई का मैसेज पढ़कर अनहोनी की आशंका से कांप उठी। पिता अश्वनी कुमार त्रिपाठी को कॉल की। बेटी से मोबाइल पर बात करते हुए अश्वनी अपने बेटे के कमरे की तरफ दौड़े। दरवाजे को धक्का दिया। कमरे में देवेश का शव फंदे से लटका था।