लखनऊ के काकोरी के मोहान लिंक रोड पर शुक्रवार रात करीब आठ बजे फर्नीचर कारोबारी रवि (35) की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। रवि अपने भाई अनीस की दुकान श्री बालाजी फर्नीचर हाउस के बाहर बैठकर सआदतगंज निवासी परिचित रमेश तिवारी के साथ आग ताप रहे थे।
इस दौरान बाइक से आए तीन बदमाशों ने उनकी बायीं कनपटी व आंख पर गोली मार दी। एसओ यशकांत सिंह ने दो गोलियां मारे जाने की पुष्टि की है। देर रात तक हत्या का कारण पता नहीं चल सका था। एसओ ने बताया कि परिवारीजनों से रंजिश, लेन-देन अथवा अन्य विवाद की जानकारी ली जा रही है।
एसओ ने बताया कि रवि मूलरूप से काकोरी के पुरैना गांव का रहने वाला था और लगभग सवा साल से पत्नी पूनम, पांच वर्षीय बेटे सुशांत व चार साल की बेटी इंजल के साथ कांशीराम कालोनी में रह रहा था। फतेहगंज में उसकी रवि फर्नीचर हाउस के नाम से दुकान है जबकि मल्लावा एस्टेट नरौना मोहान लिंक रोड पर भाई अनीश की दुकान है। रवि अपने भाई की दुकान भी देखते थे।
शुक्रवार रात वह दुकान के बाहर ही कुर्सी पर बैठकर रमेश के साथ आग ताप रहे थे तभी बाइक सवार तीन बदमाश वहां आ गए। एक ने असलहा निकालकर रवि की आंख व कनपटी पर गोली मार दी और भाग गए। गोली की आवाज सुनकर दुकान के ऊपर रहने वाली ममता ने नीचे झांका तो रमेश तिवारी नजर आए। ममता ने रवि को कुर्सी से गिरे देखकर रमेश से पूछा तो उन्होंने गोली मारने की जानकारी दी।
दुकान में काम करने वालों सहित सात लोगों से हो रही पूछताछ
फर्नीचर कारोबारी रवि
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राहगीरों ने पुलिस को हत्या की सूचना दी तो हड़कंप मच गया। सीओ मलिहाबाद प्रमोद कुमार सिंह और थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई। रवि के परिवारीजन भी आ गए और रोना-पीटना मच गया। एसओ का कहना है कि हत्या क्यों हुई? हत्यारे कौन थे? कहां से आए थे? इस बारे में जानकारी की जा रही है।
पुलिस रमेश तिवारी के अलावा फर्नीचर की दुकान में काम करने वाले चार कर्मचारियों सहित सात लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की पूछताछ में रमेश ने बताया कि वह मानकनगर स्टेशन के पास मकान बनवा रहा है। रवि उसका पुराना परिचित है। वह फर्नीचर का सामान खरीदने के लिए रवि की दुकान पर आया था।
परिचित थे हत्यारे, हालचाल पूछा फिर मारी गोलियां
रमेश ने बताया कि हत्यारे रवि के परिचित लग रहे थे। बाइक से आए हत्यारों ने रवि से हालचाल पूछा। एक-डेढ़ मिनट तक बातचीत की। इसके बाद एक बदमाश ने असलहा निकालकर रवि की कनपटी में गोली मार दी। दूसरी गोली उसकी बायीं आंख पर मारी और भाग गए। रमेश ने बदमाशों का पीछा किया लेकिन उन्हें पकड़ा नहीं जा सका।