सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर फर्रुखाबाद में सांडों की लड़ाई का फोटो साझा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सांड युद्ध दर्शन को अब स्टेट एडवेंचर (राज्य साहसिक खेल) घोषित कर देना चाहिए। साथ में यह चेतावनी भी जारी की जाए कि लोगों की जान की सुरक्षा की राज्य की कोई जिम्मेदारी नहीं है। यहां बता दें कि अखिलेश इन दिनों रोज ही ''सांड समाचार'' के तहत छुट्टा पशुओं की समस्याओं को उठा रहे हैं।
सपा का प्रतिनिधिमंडल कल जाएगा कुशीनगर
सपा का एक प्रतिनिधमंडल 10 अगस्त को कुशीनगर जाएगा। कुशीनगर के विधानसभा क्षेत्र हाटा के खागी मंडेरवा में कमलेश सिंह सैंथवार की गोली मारकर की गई हत्या की सही जानकारी और पीड़ित परिवार से मिलने के लिए 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल में किसान सिंह सैंथवार, डॉ. मोहसिन, अशोक सिंह कुशवाहा आदि नेता शामिल रहेंगे।
अहंकार से मतिभंग का कोई इलाज नहीं
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के यादव जाति को लेकर दिए गए विवादित बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि उन शक्तिहीन बेबस मंत्रियों की व्यक्तिगत टिप्पणी पर क्या जवाब देना, सरकार में जिनकी कोई गिनती तक नहीं है।
हमारी तो यही प्रार्थना है कि बेचारगी से त्रस्त ऐसे मंत्रीजी को भगवान सन्मति दे। यदि अहंकार से मतिभंग होने का कोई उपचार होता तो हम उसके लिए भी सच्चे मन से प्रार्थना करते।
चौधरी ने कहा था- असलियत से भटके अखिलेश, अहीरों का काम ही था गाय-भैंस पालना
गन्ना एवं चीनी विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने सोमवार को छुट्टा पशुओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा था कि अखिलेश यादव अपनी असलियत से भटक रहे हैं। ‘अहीरों’ का काम ही गाय और भैंस पालना था। वह अपने पैतृक धंधे को ही भूल रहे हैं। अखिलेश मंत्री के घर में पैदा हुए, मुख्यमंत्री के घर में बड़े हुए हैं। आसमान से टपके हैं। इसलिए उन्हें बार-बार वही बात याद आती है।
उनको तो ये सोचना चाहिए कि उनके पूर्वजों का ये धंधा है। जिस नंद बाबा के वो वंशज बनते हैं, उनकी तो 9 लाख गायें थीं। चौधरी ने कहा कि अखिलेश मुद्दों पर बात करना नहीं चाहते हैं। उन्हें सदन में महंगाई, बाढ़, सूखा आदि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बोलने का मौका दिया गया था पर नहीं बोले। मणिपुर को लेकर अड़े रहे जिस पर नियमानुसार चर्चा नहीं हो सकती थी।