मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क व गौतमबुद्धनगर में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना से संबंधित प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं की स्थापना पर राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित सुविधाओं व इंसेंटिव का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद दोनों ही प्रोजेक्ट के प्रस्ताव केंद्र को जल्द से जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोकभवन में बैठक हुई। इसमें यूपीसीडा के एमडी ने बुंदेलखंड के ललितपुर में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क की स्थापना के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 2060 एकड़ में प्रस्तावित इस पार्क की स्थापना से करीब 24 हजार करोड़ का निवेश और 31 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने पार्क की स्थापना के लिए शासन के विभिन्न विभागों की भूमिका की भी चर्चा की।
इसी तरह मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना के बारे में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ ने प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 350 एकड़ में प्रस्तावित इस पार्क के लिए सेक्टर-28 में जमीन चिह्नित कर ली गई है। अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने दोनों ही प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित इंसेंटिव की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने दोनों ही प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्देश दिया है।
बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल व सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार उपस्थित थे।
मेडिकल डिवाइस व फार्मा सेक्टर में असीम संभावनाएं : योगी
मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण देखने के बाद कहा कि प्रदेश में मेडिकल डिवाइस और फ ार्मा के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। कोविड-19 तथा अन्य रोगों के मद्देनजर दवाइयों व मेडिकल उपकरणों की मांग काफ ी बढ़ी है। ऐसे में राज्य को बल्क ड्रग एवं मेडिकल डिवाइस पार्कों की स्थापना के लिए तेजी से तैयारी करनी होगी। इन पार्कों की स्थापना से दवाइयों और चिकित्सकीय उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त मानव संसाधन व अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध हैं। बल्क ड्रग पार्क व मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना आज की बड़ी आवश्यकता है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की इकाइयां बड़ी संख्या में स्थापित हैं। इनके अलावा सीडीआरआई, एनबीआरआई, सीमैप, आईटीआरसी, आईआईटी कानपुर व वाराणसी, एम्स, केजीएमयू, आईएमएस बीएचयू जैसे उत्कृष्ट संस्थान हैं। दवाओं तथा चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन के लिए पार्कों की स्थापना से रोजगार उपलब्ध होगा। वहीं, प्रदेश व देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।