लखनऊ। नैक ए प्लस-प्लस की ग्रेडिंग वाले लखनऊ विश्वविद्यालय को करीब 132 करोड़ रुपये घाटे का बजट पास करना पड़ा है। अब विवि के सामने इस घाटे की भरपाई करने की चुनौती होगी। विवि में बुधवार को कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में वित्त समिति की बैठक में वर्ष 2023-24 के बजट पर मुहर लगी।
बजट के अनुसार, सम्भावित प्राप्तियां (आय) 22332.88 लाख रुपये और सम्भावित व्यय रुपये 35602.95 लाख रुपये होंगे। इस तरह से करीब 132 करोड़ रुपये घाटे का बजट है। इसको पूरा करने के लिए लविवि के पास नए पाठ्यक्रमों का संचालन और परीक्षा शुल्क में बचत का ही विकल्प है। लविवि के पास कुल बजट की 67.23 प्रतिशत राशि वेतन आदि मद पर खर्च होनी है। निर्माण तथा वार्षिक अनुरक्षण, बिजली के बिलों का भुगतान, जलकर, गृहकर, पुस्तकालय, प्रवेश तथा परीक्षा संचालन, छात्र सुविधाओं एवं अन्य व्यय पर 11666.00 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट का 32.77 प्रतिशत है।
कला एवं शिल्प महाविद्यालय का बजट
इसी तरह कला एवं शिल्प महाविद्यालय का वित्तीय वर्ष 2023-24 का 1080.47 लाख रुपये का बजट पेश किया गया। इसमें से शिक्षक और कर्मचारियों आदि के वेतन पर 968.80 लाख रुपये खर्च होने हैं जो कि कुल व्यय का 89.67 प्रतिशत है। वित्त समिति की बैठक में इसके साथ ही नवीन कैंपस के नए छात्रावास की फीस अन्य छात्रावासों के बराबर करने तथा अटल सुशासन पीठ के व्यय संबंधी नियमों में कुछ बदलावों के साथ मंजूरी दी गई।