केंद्रीय बजट में मिशन 2024 साधने की झलक साफ दिख रही है। सबसे अधिक लोकसभा सीटों वाले प्रदेश के गरीबों, महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं, किसानों के साथ मध्य वर्ग को भी साधा गया है। आबादी के लिहाज से सबसे बड़ा प्रदेश होने के नाते केंद्रीय बजट की अधिकतर घोषणाओं का लाभ यूपी के खाते में आने की उम्मीद है। जाहिर है कि इसका राजनीतिक लाभ भाजपा को ही मिलने की उम्मीद है ।
आयकर सीमा में छूट बढ़ाने का प्रस्ताव न केवल प्रदेश के बड़े कर्मचारी और कारोबारी वर्ग को राहत देने वाला है बल्कि भाजपा को इसका सीधा फायदा होगा। इसी तरह गरीबों को जनवरी 2024 तक मुफ्त अनाज योजना का भी सबसे ज्यादा फायदा प्रदेश के लोगों को मिलेगा। प्रदेश की 15 करोड़ आबादी इससे प्रभावित होगी। भाजपा ही नहीं उसके विरोधी भी मानते हैं कि 2022 के विधानसभा चुनाव में यह योजना गेमचेंजर साबित हो चुकी है।
सामाजिक समीकरण भी साधने की तैयारी
बजट में स्किल इंडिया मिशन के तहत डिजिटल प्लेटफार्म की घोषणा। इसके अलावा डिजिटल लाइब्रेरी के साथ शिक्षकों की ट्रेनिंग की घोषणा युवाओं में सरकार के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने मेें मददगार हो सकती है। खासतौर से डिजिटल प्लेटफार्म’ के जरिये उद्यम और रोजगार की ट्रेनिंग देने, नियोक्ताओं तक युवाओं की सीधी पहुंच बढ़ाने को लेकर इस प्लेटफार्म के जरिये होने वाला काम प्रदेश के लाखों युवाओं के बीच भाजपा सरकार का समर्थन बढ़ाने में मददगार हो सकता है। बजट में प्रदेश की ओडीओपी जैसी महत्वाकांक्षी योजना को देश भर में विस्तार की घोषणा के मद्देनजर डिजिटल प्लेटफार्म से यूपी के काफी युवा लाभान्वित हो सकते हैं। आकांक्षी जिलों की तर्ज पर देश भर में 500 पिछडे़ ब्लॉकों के सर्वांगीण विकास की घोषणा का भी प्रदेश को ही ज्यादा लाभ होगा।
बुजुर्गों व महिलाओं पर ध्यान भी साधेगा काम
बजट के जरिये महिलाओं तथा बुजुर्गों का भी ध्यान रखने की कोशिश की गई हैै। बजट में वरिष्ठ नागरिकों की बचत सीमा को 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख करने, गैर सरकारी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अवकाश नगदीकरण पर मिलने वाली छूट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख करने की घोषणाएं यूपी में भाजपा सरकार के प्रति सकारात्मक माहौल में और वृद्धि करने की उम्मीद बढ़ाती दिख रही हैं। महिलाओं के लिए वित्त मंत्री की महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट की घोषणा सियासी लिहाज से काफी महत्वाकांक्षी साबित हो सकती है।
पर्यटन के सहारे भी नए सियासी आयाम
केंद्रीय बजट में स्वदेश दर्शन के तहत पर्यटन को लेकर भी जो घोषणाएं की गई हैं, उन योजनाओं से भी उत्तर प्रदेश को खास लाभ मिलने की उम्मीद है। केंद्र की नीति से प्रदेश सरकार के सांस्कृतिक पर्यटन को ताकत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार वीरेन्द्र भट्ट कहते हैं कि पर्यटन को लेकर की गई घोषणा के साथ सभी राज्यों की राजधानी में एक मॉल खोलकर वहां एक जिला एक उत्पाद के तहत निर्मित वस्तुओं की बिक्री की योजना लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ाती दिख रही है। कारण, डिमांड बढ़ेगी तो निर्माण बढ़ेगा। निर्माण बढ़ेगा तो लोगों को काम ज्यादा मिलेगा।
यूपी को तरजीह से भाजपा को मजबूती
वित्त मंत्री ने योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) का जिस तरह देश भर में विस्तार करने की घोषणा की है। साथ ही यूपी में शुरू हो चुके मोटे अनाज की खेती के प्रोत्साहन अभियान को केंद्रीय बजट में शामिल कर उसे देश भर में लागू किया है। इससे भी यूपी के समर्थ और समृद्ध होने के संदेश के साथ इससे सियासी सरोकार भी सधते दिख रहे हैं। ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने जहां यूपी के लोगों को केंद्र में फिर भाजपा की सरकार का महत्व समझाने की कोशिश की है, वहीं यूपी के जरिये देश के नौ राज्यों में होने वाले चुनाव के मद्देनजर यह संदेश देने की कोशिश की है कि सर्वांगीण विकास के लिए उन राज्यों में भी भाजपा की सरकार जरूरी है। जाहिर है कि यूपी को दिया गया यह महत्व भाजपा को यूपी के लोगों के साथ सरोकारों के स्तर पर समीकरणों को मजबूत बनाने में मददगार होगा