सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने सोमवार को किसानों के मुद्दे पर होने वाले बसपा के धरने को घड़ियाली आंसू बताया है।
कहा, जिनका गांव-किसान से कभी कोई रिश्ता नहीं रहा, उन्हें किसानों की बातें करते देख हैरत होती है।
जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका तो यह होती है कि वे किसानों को राहत पहुंचाने में मददगार बनें। पर, उन्हें घड़ियाली आंसू बहाने से ही फुर्सत नहीं मिल रही है।
इसमें दो राय नहीं कि किसानों की फसलें व्यापक स्तर पर बर्बाद हुई हैं।
सीएम अखिलेश यादव ने किसानों का दर्द समझते हुए तत्काल राहत की व्यवस्था की। प्रदेश में संकटग्रस्त किसानों को लगभग एक हजार करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर बांटे गए।
जिन किसानों की मौत हुई उनके आश्रितों को 3.86 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
राजस्थान के जिस किसान गजेंद्र की दिल्ली में जंतर-मंतर पर मौत हुई थी, उसके परिवार को भी पांच लाखरुपये की मदद की।