रायबरेली। जिले में पिछले तीन दिनों से बीएसएनएल की इंटरनेट सेवा ध्वस्त है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है। इंटरनेट कभी आता और कभी चला जाता है। नेट की स्पीड इतनी धीमी रहती है कि काम निपटाने में घंटों समय लगता है। अफसर इस समस्या को नजरंदाज कर रहे हैं। यही वजह है कि धीरे-धीरे लोगों का बीएसएनएल से मोह भंग होता जा रहा है।
सरकारी दफ्तारों में बीएसएनएल का इंटरनेट प्रयोग किया जाता है। अधिकारियों के सीयूजी नंबर भी बीएसएनएल कंपनी के हैं। कभी मोबाइल सेवा ध्वस्त रहती है, तो कभी इंटरनेट गायब रहता है। शहर के कैफे संचालक आरिफ ने बताया कि बीएसएनएल की फाइबर केबल का कनेक्शन लिया है। तीन दिन से इंटरनेट प्रभावित है। काम के समय नेट गायब ही रहता है।
यदि आता है तो एक फाइल अपलोड करने के लिए घंटों का समय लगता है। इसी तरह जन सुविधा केंद्र संचालक अजय कुमार मौर्य ने बताया कि इंटरनेट की सेवाएं इतनी घटिया की है कि निजी कंपनियों का सहारा लेना पड़ रहा है। आशुतोष, विनय तिवारी ने बताया कि धीरे-धीरे बीएसएनएल से लोगों का मोह भंग हो रहा है। अफसरों की उदासीनता के चलते समस्याएं दूर नहीं हो रही है। अधिकारी लोगों का फोन तक नहीं उठाते हैं।
बीएसएनएल के एसडीओ सुनील कुमार दुबे ने बताया कि लोकल स्तर से कोई दिक्कत नहीं है। कभी कभी लखनऊ से दिक्कतें आ जाती हैं। बेहतर सुविधा देने का पूरा प्रयास किया जाता है।