लखनऊ। बीरबल साहनी इस्टीट्यूट ऑफ पैलियोसाइंसेज (बीएसआईपी) ने कोरोना वायरस कोविड-19 के मरीजों के नमूनों की जांच शुरू कर दी है। 200 नमूनों की जांच 12 घंटे में कर लैब अपनी रिपोर्ट केजीएमयू को देगा। वहीं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) को 40 नमूने जांचने की अनुमति मिल गई है। बीएसआईपी की एनसिएंट डीएनए लैब में ये जांच की जा रही हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की अनुमति के बाद बीएसआईपी अब यूपी में जांच शुरू करने के लिए भारत सरकार की पहली वैज्ञानिक संस्था बन गई है। लैब के प्रभारी डॉ. नीरज राय ने बताया की कोविड-19 के नमूनों की जांच के लिए जरूरी बायो सेफ्टी लैब (बीएसएल) और रियल टाइम पीसीआर की सुविधा हमारे पास है। हमारी लैब में बीएसएल-2 की सुविधा है। यहां हम अभी 200 से नमूनों की आरएनए आइसोलेशन और जांच आठ सदस्यीय टीम की मदद से कर रहे हैं। मास स्क्रीनिंग में पूल टेस्टिंग कर तीन हजार तक नमूनों की जांच रोजाना कर ली जाएगी। जरूरी रीजेंट और दूसरे केमिकल एक निजी एजेंसी आपूर्ति करेगी। वहीं, आईआईटीआर के निदेशक डॉ. आलोक धवन ने बताया कि जांच शुरू करने के लिए अनुमति मिल गई है। 40 नमूने की जांच हम करेंगे। केजीएमयू जांच ले लिए नमूने देगा। आरएनए आइसोलेशन भी हमारी टीम खुद करेगी। रिपोर्ट रोजाना केजीएमयू को जायेगी। सीडीआरआई में भी जांच शुरू सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीडीआरआई) ने भी कोविड-19 के नमूनों की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसके लिए प्रभारी संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. रवि शंकर को बनाया गया है। इसके अलावा सीडीआरआई दवाओं और वैक्सीन के विकास के लिए भी शोध कर रहा है। मई के अंत में एनबीआरआई भी शुरू करेगा जांच एनबीआरआई के निदेशक डॉ. एसके बारिक ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के नमूनों की जांच के लिए अनुमति केंद्र से मिल गई है। लैब जांच के लिए हम तैयार कर रहे हैं। इसके बाद आईसीएमआर की अनुमति के लिए आवेदन होगा। उम्मीद है कि मई के अंतिम सप्ताह में एनबीआरआई भी जांच शुरू कर देगा।