प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों एवं सरकारी अस्पतालों में मरीजों को उपचार देने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उपचार की सेवाओं को विस्तार दिया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। इमरजेंसी में सभी उपकरण लगाएं। यह बातें उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कही। वह बुधवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के निदेशकों एवं सीएमएस को निर्देश दे रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बेड पर ही मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर का 24 घंटे संचालन हो। इमरजेंसी पैथोलॉजी जांचें भी हों। रोगी कल्याण समिति के बजट का मरीजों के हितों में इस्तेमाल करें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी में आईसीयू सुविधाएं दुरुस्त रखी जाएं। किडनी रोगियों को जरूरत पड़ने पर डायलिसिस के लिए भटकना न पड़ें। सरकारी अस्पतालों में सुबह आठ से एक बजे तक ओपीडी पर्चे बनाए जाएं। पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच 24 घंटे निरंतर रखें। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सभी बेड पर मल्टी पैरामॉनीटर लगाएं।
समय पर पूरी करें योजनाएं
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में संचालित योजनाओं को तय समय पर पूरा कर लिया जाए। विभिन्न मदों में जारी की गई धनराशि का सदुपयोग कर जानकारी भी भेजी जाए। प्रदेश के 18 जिलों में दस से 27 फरवरी तक हाथीपांव (फाइलेरिया) उन्मूलन अभियान चल रहा है। पात्र व्यक्तियों को दवा खिलाने के बाद विवरण ई.कवच पोर्टल पर अपडेट किया जाए। उप मुख्यमं6ी ने हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर को क्रियाशील रखने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी सेंटरों पर कम्युनिटी हेल्थ आफिसर ( सीएचओ) की तैनाती, उपस्थिति, एप का उपयोग, टेली कंसलटेशन, डायग्नोस्टिक सर्विसेस की उपलब्धता आदि सुनिश्चत करें।