रायबरेली। ट्रेनों की लेटलतीफी कम नहीं हो रही है। दिन में गाडि़यां देर से पहुंच रही हैं तो रात में भी यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को प्रतापगढ़ जाने वाली दोनों सुपरफास्ट ट्रेनें देर से आईं। इनमें एक भोपाल से आने वाली दो घंटे और दूसरी मुंबई से आने वाली सवा घंटे देर से पहुंची।
जम्मूतवी से पटना जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस सवा दो घंटे से ज्यादा देर से आई। सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस रायबरेली स्टेशन पर पौन घंटे देर से पहुंची, लेकिन रफ्तार धीमी होने के कारण अगले स्टेशनों पर देर से पहुंची। यह गाड़ी लक्ष्मणपुर में एक घंटे और ऊंचाहार में सवा घंटे लेट हो गई।
रविवार रात बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे और नई दिल्ली से बनारस लौटने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सवा तीन घंटे देर से पहुंची। प्रयागराज-लखनऊ स्पेशल (पैसेंजर ट्रेन) तीन घंटे और बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस दो घंटे देर से आई। प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस एक घंटे विलंब से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि सभी ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट होने के कारण देर से आई हैं।
ट्रेनों की चपेट में आए दो लोगों की मौत
रायबरेली। रेलवे स्टेशन रायबरेली और रूपामऊ के बीच ट्रेनों की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। सोमवार को सुबह साइडिंग के पास एक बुजुर्ग राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हुई। ट्रेन लखनऊ की ओर जा रही थी।
आरपीएफ इंस्पेक्टर आलोक मौर्य ने बताया कि शक्ति नगर निवासी 65 वर्षीय रमेश टहलने निकला था, तभी हादसा हो गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर के मुताबिक रविवार देर रात भी एक घटना में प्रयागराज-लखनऊ स्पेशल (पैसेंजर ट्रेन) की चपेट में आने से युवक हरि बहादुर की मौत हो गई। वह नेपाल का रहने वाला है। शहर में मोमोज की दुकान चलाता था।