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लखनऊ के इस बड़े अस्पताल में बायोमेट्रिक मशीन ने यूं पकड़े खून के सौदागर

Tue, 14 Feb 2017 02:23 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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पकड़े गए अमन और आर‌िफ - फोटो : amar ujala
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केजीएमयू के ब्लड बैंक में खून का सौदा करने पहुंचे दो पेशेवर डोनरों को डॉक्टरों की सूझबूझ के कारण पकड़ लिया। केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल में प्रतापगढ़ के विलसन (28)  को डॉक्टरों ने दो यूनिट खून की जरूरत बताई थी। 
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तीमारदार लतीफ खून के इंतजाम में लगा तभी सुनील नाम का एक दलाल उनके पास पहुंचा और नौ हजार रुपये के बदले खून देने की बात बताई। लतीफ के राजी होने पर सुनील ने फर्जी ब्लड डोनेशन फॉर्म भरा और डॉक्टर का फर्जी हस्ताक्षर किया। 

अपने नेटवर्क से दो युवकों अमन और आरिफ को फर्जी हस्ताक्षर वाले डोनेशन फॉर्म के साथ सोमवार सुबह करीब दस बजे ब्लड डोनेट करने के लिए भेज दिया। दोनों युवक सुनील के कहे अनुसार सीधे ब्लड डोनेशन के लिए केजीएमयू ब्लड बैंक पहुंचे। 
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इन पर डॉक्टरों और स्टाफ को कुछ शक हुआ तो उन्होंने पूरे फॉर्म की जांच कराई। फर्जीवाड़ा का पता चलने पर हेड डॉ. तुलिका चंद्रा ने मामले की जानकारी चौक पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस रक्तदान के लिए आए दोनों लड़कों को हिरासत में लेकर थाने चली गई। 

ऐसे पकड़ में आया खेल

डेमो - फोटो : demo pic
केजीएमयू में ब्लड डोनेट करने से पहले डोनेशन फॉर्म भरने और डोनर की हेल्थ रिपोर्ट बनने के बाद उसकी आंख और पुतलियों की जांच होती है। रक्तदाता को आंख की पुतली और फिंगर प्रिंट के निशान बायोमेट्रिक मशीन पर देना होता है। 

प्रोफेशनल ब्लड डोनर होगा तो मशीन तेज बीप की आवाज के साथ उसका पूरा रिकॉर्ड स्क्रीन पर दे देगी। अमन और आरिफ के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की जांच की गई तो पता चला कि दोनों युवक इससे पहले भी कई बार अलग-अलग नाम से ब्लड डोनेट कर चुके हैं। 

पूछताछ में उन्होंने बताया कि खून का धंधा करने वाला दलाल सुनील ब्लड डोनेट करने के बदले 800 से 1000 रुपये की रकम देता है। खर्च चलाने के लिए जब मौका मिलता है तब रक्तदान करते हैं। 
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दलाल के पास पूरा गैंग

डेमो - फोटो : Demo pic
सूत्रों की मानें तो खून का धंधा करने वाले सुनील के पास प्रोफेशनल डोनर का पूरा गैंग है जिसका नेटवर्क केजीएमयू के ब्लड बैंक से लेकर शहर के सरकारी और प्राइवेट ब्लड बैंकों तक है। 

सूत्रों की मानें तो सुनील नाम का दलाल फोन पर खून का पूरा धंधा चला रहा है। पकड़े गए अमन और आरिफ ने दलाल का नंबर 7275128041 बताया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि चौक और आसपास के युवकों को 800 से 1000 रुपये का लालच देकर खून का धंधा चमकाया जा रहा है। इस पूरे खेल में स्कूल और कॉलेज स्टूडेंट सॉफ्ट टारगेट होते हैं। इनको फोन पर बुला लिया जाता था।  

जानिए कौन कर सकता है रक्तदान
- जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो
- वजन 50 किलो से अधिक हो
- हीमोग्लोबिन लेवल 12 से अधिक हो
- रक्तदान में तीन महीने का अंतराल हो
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