लखनऊ। चिनहट के उतरधौना में बीती रात केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट का कारण हुआ ब्वॉयलर का फटना नहीं था बल्कि यह जानलेवा धमाका दो रसायनों के मिलान मे हुई गड़बड़ी के कारण हुआ था। यह जानकारी एडीएम टीजी वीबी मिश्रा की अगुवाई में गठित जांच टीम की शुरूआती जांच में सामने आई है। हादसे के कारण व जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय करने को जांच टीम 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। मौके पर जांच के लिए पहुंची एडीएम टीजी की टीम ने बताया कि यह विस्फोट दो तरह के केमिकल आपस में मिलाने के बाद हुआ। यहां पर पौधों में लगने वाले फंगस संक्रमण को खत्म करने के लिए दवा बनाई जा रही थी। जांच टीम मे शामिल एक अधिकारी ने बताया कि फैक्ट्री में हाइड्रोजन पैराक्साइड और सल्फ्यूरिक एसिड का मिश्रण तैयार किया जा रहा था, उसी की माप में हुई गड़बड़ी के बाद तेज धमाका हो गया। शुरुआती जांच में पाया गया कि अगर यह हादसा ब्वॉयलर फटने से होता तो विस्फोट और भयानक हो सकता था। उतरधौना स्थित स्वरूप केमिकल्स फैक्ट्री में मौके पर मौजूद फतेहपुर निवासी मजदूर शेरू गंभीर घायल हो गया था और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। मृतक के परिवारीजनों को कारखाना अधिनियम के अनुसार उचित मुआवजा राशि भी प्रशासन दिलवाएगा। एक साल के भीतर दूसरा हादसा चिनहट क्षेत्र में एक साल के भीतर यह दूसरा बड़ा हादसा है। उतरधौना के ही पास पिछले साल 31 अगस्त को इंडियन पेस्टिसाइड फैक्ट्री से जहरीला रसायन बिना फिल्टर हुए नालियों में बहा दिया गया। इससे तिवारीपुरवा के ग्रामीणों की तीन दर्जन से अधिक भैसें मर गईं। अपने मवेशियों को बचाने के चक्कर में नाले में उतरे दर्जन भर लोगों के शरीर पर फफोले पड़ गए। इस मामले में फैक्ट्री सील करने के साथ ही मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी बीच तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट नेआबादी के भीतर स्थित फैक्ट्रियों को शहर से दूर करने का निर्देश दिया था।