इस्राइल के हमले में मारे गए हिज्बुल्लाह लेबनान के महासचिव अयातुल्लाह सैयद हसन नसरल्लाह के गम में शहर के पुराने इलाकों में शिया समुदाय ने घरों और इमामबाड़ों में काले झंडे लगाए और अपनी दुकानें बंद रखीं। कैंडल मार्च निकाला और इमामबाड़े के गेट पर इजराइल का झंडा जमीन पर बिछाकर अपनी नाराजगी जताई। वहीं कई जगहों पर मजलिस का आयोजन कर नसरल्लाह को खिराजे अकीदत पेश की गई।
राजधानी में मगरिब की नमाज के बाद छोटा इमामबाड़ा के बाहर शिया समुदाय के सैकड़ों लोगों ने इकट्ठा होकर बड़ा इमामबाड़ा तक कैंडल मार्च निकाला। इसके अलावा दरगाह हजरत अब्बास के पास भी लोगों ने कैंडल मार्च निकाल कर अपनी नाराजगी जताई। रुस्तम नगर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में मजलिस को मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने खिताब किया।
उन्होंने शिया समुदाय से तीन दिन तक शोक मनाने की अपील की। शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद सैफ अब्बास नकवी, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास आदि ने भी नसरल्लाह को श्रद्धांजलि दी। उधर, मस्जिद राहते सुल्तान नूरबाड़ी में कुरानख्वानी व मजलिस का आयोजन किया गया।
हिजबुल्ला कमांडर की मौत पर गुस्सा, नेतन्याहू का पुतला फूंका
सुल्तानपुर जिले में दूबेपुर क्षेत्र के तुराबखानी गांव में रविवार रात शिया समुदाय के लोगों ने हसन नसरुल्लाह की मौत पर कैंडल मार्च निकाला। यही नहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन भी किया। मौलाना यासूब अब्बास, अधिवक्ता एमएच खान, जैदी आदि ने कहा कि हसन नसरल्लाह की मौत पर शिया समुदाय तीन दिनों तक शोक मनाएगा। शहर के अमहट के अंजुमन पंजतनी तुराबखानी के नेतृत्व में एक जुलूस गांव के बड़े इमाम बाड़े से निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल हुए।