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केजीएमयू की नर्सिंग छात्रा की मौत का राज गहराया, गहरी साजिश की आशंका

Tue, 09 Jun 2020 05:02 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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केजीएमयू की नर्सिंग छात्रा शिवाली श्रीवास्तव की मौत की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। परिजनों के मुताबिक, रात साढ़े आठ बजे एक व्यक्ति ने शिवाली की मां को शिवाली के ही मोबाइल से कॉल कर इस बात की जानकारी दी थी कि उनकी बेटी का मोबाइल उसे मिला है, आकर ले जाएं।
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लेकिन जब परिजन उस युवक की बताई जगह पर पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला और शिवाली का मोबाइल भी स्विच ऑफ था। कॉल करने वाले के बारे में अब तक पता नहीं चल सका है। वहीं सोमवार को शिवाली के पिता उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने बेटी की हत्या कर शव नदी में फेंकने की आशंका जताते हुए चौक कोतवाली में तहरीर दी है। एसीपी चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी के मुताबिक, जांच की जा रही है।

शिवाली का मोबाइल पुलिस अब तक नहीं ढूंढ सकी है। पिता उमेश चंद्र श्रीवास्तव का आरोप है कि उसका मोबाइल किसी परिचित के पास है। शिवाली अपना मोबाइल हमेशा लॉक रखती थी। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे उसकी मां इंदु ने फोन किया लेकिन कोई रेस्पांस नहीं मिला।
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मोबाइल देने के बदले मांग रहा था रुपये

करीब साढ़े आठ बजे उसके मोबाइल से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि मोबाइल उसे लक्ष्मण झूला मैदान पर पड़ा मिला है, आप आकर ले लीजिए। इसी बीच शिवाली के दोस्त का फोन उसकी मां के पास आया और उसने भी मोबाइल मिलने की बात कही। युवक ने यह भी कहा कि जिसके पास शिवाली का फोन है, उसने मिलने के लिए निशातगंज पुल के नीचे बुलाया है।

यह जानकारी पाकर उमेश ने भी बेटी के नंबर पर कॉल की तो युवक ने उन्हें भी निशातगंज पुल के नीचे बुलाया। उमेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने बेटी के दोस्त से बात की। उसने बताया कि मोबाइल देने के बदले वह 3000 रुपये मांग रहा है। दोनों निशातगंज पुल के नीचे पहुंचे और शिवाली का नंबर मिलाया तो वह स्विच ऑफ मिला।

उमेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बेटी का मोबाइल पासवर्ड से लॉक था। उसे कोई परिचित ही खोल सकता है। उन्होंने बेटी के दोस्त और किसी अन्य युवक पर ही मोबाइल गायब करने का शक जताया है। उनका कहना है कि दोनों को पकड़कर पूछताछ करने पर सही बात सामने आएगी।
 
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गहनता से जांच करे पुलिस तो सामने आ जाएगी सच्चाई

22 वर्षीय शिवाली का शव शुक्रवार सुबह हजरतगंज इलाके में गोमती बैराज में मिला था। पीजीआई के वृंदावन योजना निवासी उमेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बेटी के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस गहराई से जांच करे तो सच्चाई सामने आ सकती है। उन्हें शक है कि बेटी को कोई ब्लैकमेल कर रहा था या फिर किसी के उकसाने पर ही वह नदी में कूदी है। उन्होंने बेटी के साथ पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से संपर्क किया लेकिन सबने शिवाली के खुदकुशी करने की बात पर शक जताया है। 

सारा सामान गायब होने के पीछे गहरी साजिश की आशंका
शिवाली का बैग, मोबाइल फोन और स्कूटी की चाबी पुलिस को नहीं मिली है। परिजनों का कहना है कि स्कूटी के अलावा उसका सारा सामान गायब है जिसके पीछे कोई गहरी साजिश हो सकती है। परिजनों ने पुलिस से शिवाली के साथ अनहोनी के बाद हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने बताया कि शिवाली रात 11 बजे तक दो दोस्तों संग  मोबाइल पर लूडो खेल रही थी।  उसने करीबी मित्र व दो अन्य लोगों से वॉट्सएप पर चैट भी की थी। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। 
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