लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को बदलाव संस्था की ओर से बदलावोत्सव का आयोजन हुआ। लोक प्रशासन विभाग में हुए इस कार्यक्रम में भिक्षावृत्ति छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने वालों रौफीक, निशा, माया, राहुल और आनंद कनौजिया ने अपनी कहानियां सुनाईं। कार्यक्रम का शुभारंभ लोक प्रशासन के विभागाध्यक्ष प्रो. नंदलाल भारती ने किया। केजीएमयू के मनोरोग विभाग के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रसाद कन्नेकांती ने कहा कि भिक्षावृत्ति मानसिक बीमारी है। इसे इलाज और परामर्श के जरिये खत्म किया जा सकता है। विवि के समाज कार्य विभाग प्रो. अनूप कुमार भारती, डॉ. सुचिता चतुर्वेदी व संदीप खरे ने कार्यक्रम को संबोधित किया। निदेशक शरद पटेल ने संस्था के पुनर्वास मॉडल पर विस्तार से चर्चा की। जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी सिंह, आईएएस डॉ. हीरालाल, जिला परिवीक्षा अधिकारी सुधाकर शरण पांडेय, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. आरएस जादौन, डीपीओ सुधाकर शरण पांडेय व अन्य लोग मौजूद रहे।