मोहनलालगंज में हुए लविश हत्याकांड में मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में दबोचे गए आरोपी अनिल धनपत ने कई राज उगले हैं। मोहनलालगंज पुलिस के मुजफ्फरनगर जिले में एक बड़ी वारदात के बाद मिलने वाली रकम के बटवारे को लेकर लविश की हत्या की गई। हालांकि पुलिस यह नहीं बता पा रही है कि इस वारदात की सुपारी भी ली गई थी या सिर्फ योजना बन रही थी।
गत 17 मई को आरोपी मोहनलालगंज के खुजौली में लविश की हत्या कर सिर व धड़ को अलग-अलग जगह दफनाकर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त बागपत निवासी लविश के रूप में की। इस हत्याकांड में मुजफ्फरनगर के रहने वाले लविश के साथी सौरभ व अनिल का नाम सामने आया था।
इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश करते हुए कई दिन मुजफ्फरनगर व बागपत की खाक छानी, लेकिन इसी दौरान लविश हत्याकांड के वादी प्रशांत की हत्या कर दी गई और हत्यारोपी सौरभ को भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना के कुछ दिन बाद ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने मुठभेड़ में हत्यारोपी अनिल को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के लिए मोहनलालगंज पुलिस मुजफ्फरनगर पहुंची थी। एसीपी संजीव सिन्हा के मुताबिक ये सब शातिर अपराधी थे। पूछताछ में अनिल ने बताया कि तीनों दोस्त मुजफ्फरनगर में एक बड़ी वारदात का प्लान बना रहे थे, जिसमें जिसमें मिलने वाले पैसे के बंटवारे को लेकर तीनों में गोमती नगर स्थित अपार्टमेंट में झगड़ा हुआ था।