बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि शोध के माध्यम से ही समाज और देश को नई दिशा मिलती है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं और शोध की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्य अतिथि जय प्रकाश नारायण विश्वविद्यालय छपरा के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने कहा कि ज्ञान से आत्मबोध विकसित होता है और विद्या व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाती है। उन्होंने युवाओं से अपनी बौद्धिक क्षमता का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रो. राज शरण शाही, प्रो. हरिशंकर, समन्वयक डॉ. संगीता चौहान सहित कई शिक्षक, शोधार्थी और प्रतिभागी उपस्थित रहे।