रात में गश्त करते पुलिस कर्मी।
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सेवानिवृत्त डीएफओ कतर्नियाघाट ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि भेड़िया कुत्ता प्रजाति का सदस्य होता है। वहीं इसकी सूंघने व रेकी करने की क्षमता बहुत अच्छी होती है। यह 20 किलोमीटर तक शिकार करने में सक्षम होता है जो इसे और घातक बनाता है। उन्होंने बताया कि भेड़िये झुंड में रहते हैं और झुंड के सदस्यों के प्रति संवेदनशील भी होते हैं। हर झुंड का एक मुखिया होता है और अन्य सदस्य इसी के अनुसार चलते हैं। ऐसे में हमले कर रहे भेड़ियों के समूह में से जब तक ट्रैपिंग कैमरे से मुखिया का चिह्नांकन कर उसे पकड़ नहीं लिया जाता, हमले जारी रहेंगे।
खैरीघाट में दिखा भेड़िया, दहशत
भेड़िये को पकड़ने के लिए प्रशासन जीतोड़ मेहनत कर रहा है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी समेत अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। हरिबक्शपुरवा के निकट कछार में बृहस्पतिवार को एक भेड़िया पकड़ा गया जबकि दो के अभी सक्रिय होने की बात कही जा रही है। वन विभाग भेड़ियों के मुखिया की तलाश में जुटा है। वहीं खैरीघाट थाना क्षेत्र में भेड़िया दिखने से लोगों में दहशत बढ़ने लगी है। जिन गांवों में भेड़ियों की दहशत है, उन गांवों में पंचायत, विकास, पुलिस, राजस्व व वन समेत अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी रात-दिन गश्त कर रहे हैं। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। अभी तक चार भेड़िये पकड़े भी जा चुके हैं। बावजूद इसके क्षेत्र में दहशत बरकरार है।
भेड़िया प्रभावित गांवों में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि भेड़ियों के हमले से नौ लोगो की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 35 से अधिक लोग जख्मी हो चुके है। भेड़ियों की चालाकी वन विभाग को छका रही है। वन कर्मियों का मानना है कि अगर भेड़ियों का मुखिया पकड़ में आ जाए तो हमले होने की आशंका बिल्कुल कम हो जाएगी।
भेड़िया बचाए जाने की अपील।
ऐनिमल वेलफेयर बोर्ड के सदस्य, प्रकृति पंथ प्रमुख अर्चित मिश्र ने कहा कि पूर्व में भी पकड़े गए भेड़ियों के साथ हादसे हो चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भेड़िये विलुप्ति के कगार पर खड़े हैं। ये ईको सिस्टम के लिए बेहद अहम जीव हैं। भारत का भेड़िया संरक्षण संकल्प भी इससे प्रभावित होगा। ऐसे में भेड़ियों को बचाने की जरूरत है।
टीमों का अभियान जारी
जिले के भेड़िया प्रभावित इलाकों में वन समेत अन्य विभागों की टीमों का सर्च अभियान लगातार जारी है। चार भेड़िये पकड़े जा चुके हैं। उम्मीद है कि अन्य भी जल्द पकड़ लिए जाएंगे। ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर पुलिस भी तैनात है। लोगों को भेड़ियों से बचाने के लिए अफसरों की टीमें जागरूक कर रही हैं।-मोनिका रानी, डीएम