जिले में कई जगहों पर आगजनी हुई।
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महराजगंज कस्बे में विसर्जन के दौरान दूसरे समुदाय के लोग हरदी थाना क्षेत्र के रेहुवा मंसूर गांव निवासी रामगोपाल को खींच कर घर में ले गए थे। साथ ही उसके साथ बर्बरता के साथ मारपीट करते हुए गोली मार दी थी। जिसमें राम गोपाल की मौत हो गई थी और भीड़ उग्र हो गई थी। जिसके बाद सीतापुर, लखनऊ व मिहींपुरवा हाईवे जाम कर प्रतिमा विसर्जन रोक दिया गया था। यही नहीं शहर के घंटा घर व अस्पताल चौराहे पर भी विसर्जन रोक कर प्रदर्शन शुरु हो गया था। वहीं मौत के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के बाहर रामगोपाल का शव रखकर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी थी।
प्रदर्शन व नारेबाजी की सूचना के बाद विधायक महसी सुरेश्वर सिंह, डीएम मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला मौके पर पहुंची थी और भारी मान मनौव्वल के बाद शव को कब्जे में लिया था। साथ ही सुबह लगभग छह से सात के बीच मृतक रामगोपाल के शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को दिया गया। लेकिन शव रेहुवा गांव पहुंचते ही स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। शव पहुंचते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और लोगों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरु कर दिए। इस दौरान लोगों को समझा कर दाह संस्कार करवाने पहुंचे तहसीलदार को लोगों ने खदेड़ लिया।
घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव।
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