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आयकर विभाग के शिकंजे पर बाफला: भूखंडों को 20 से 25 साल पुराने एग्रीमेंट के आधार पर बेचा, करोड़ों का लगाया चूना

Tue, 23 May 2023 04:03 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दिलीप सिंह बाफला ने बीते पांच वर्षों के दौरान ऐसे 50 से अधिक भूखंडों की रजिस्ट्री की है। रजिस्ट्री के दौरान दो दशक पूर्व भूखंड क्रय करने का एग्रीमेंट दर्शाया गया। जांच में सामने आया है कि इनमें से अधिकतर भूखंड पुलिसकर्मियों, अधिवक्ताओं और कुछ सरकारी अधिकारियों को बेचे गए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भूमाफिया दिलीप सिंह बाफला पर आयकर विभाग की जांच का फंदा कसने लगा है। आयकर विभाग की अन्वेषण इकाई ने बाफला के खिलाफ टैक्स चोरी करने के लिए भूखंडों की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी करने के मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि लखनऊ के गोमतीनगर स्थित खरगापुर, गोमतीनगर विस्तार और आसपास के इलाकों में बाफला ने 20 से 25 साल पुराने एग्रीमेंट को दर्शाकर रजिस्ट्री की, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हुई। साथ ही, आयकर की चोरी भी की गई।

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आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दिलीप सिंह बाफला ने बीते पांच वर्षों के दौरान ऐसे 50 से अधिक भूखंडों की रजिस्ट्री की है। रजिस्ट्री के दौरान दो दशक पूर्व भूखंड क्रय करने का एग्रीमेंट दर्शाया गया। जांच में सामने आया है कि इनमें से अधिकतर भूखंड पुलिसकर्मियों, अधिवक्ताओं और कुछ सरकारी अधिकारियों को बेचे गए। इन भूखंडों को सस्ती दरों पर देने के लिए कूटरचित एग्रीमेंट तैयार किए गए। आयकर विभाग ने इसकी विस्तृत जांच के लिए दिलीप सिंह बाफला के साथ भूखंड खरीदने वाले लोगों को भी नोटिस देकर बुलाना शुरू कर दिया है। साथ ही, जिन सोसाइटी के जरिए भूखंड बेचे गए, उनके सारे दस्तावेज भी तलब किए गए है। इन सोसाइटीज के जरिए कई बेनामी संपत्तियों को खरीदने की जांच भी हो रही है। जांच में टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियां होने के पुख्ता प्रमाण मिलने पर बाफला के साथ खरीदारों पर भी आयकर विभाग का शिकंजा कसेगा।


भूमाफिया की फेहरिस्त में शामिल

दिलीप सिंह बाफला के खिलाफ 17 मुकदमे दर्ज हैं। डेढ़ वर्ष पूर्व गैंगस्टर का भी मुकदमा दर्ज करने के साथ उसे राजधानी के भूमाफिया की फेहरिस्त में शामिल किया गया था। सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रहे बाफला ने बीते तीन दशकों के दौरान गोमतीनगर इलाके में जमीनों की खरीद-फरोख्त में जमकर धांधली की। उस पर कूटरचित दस्तावेज बनाने, एक भूखंड कई लोगों को बेचने समेत तमाम आरोपों में 17 मुकदमे भी दर्ज हो चुके है। उसकी अपराध से अर्जित 48 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को लखनऊ पुलिस ने जब्त करने के लिए चिन्हित किया था।

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