कक्षा 10 की छात्रा की मौत का राज सनबीम स्कूल में छिपा है। इसी राज की तलाश में एसआईटी, फोरेंसिक व सर्विलांस सेल के विशेषज्ञों की जांच लगातार स्कूल पर केंिद्रत है। बृहस्पतिवार को भी एसआईटी ने स्कूल पहुंचकर जांच की और कुछ कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों से भी घटना के बारे में पूछताछ की। स्कूल में मंगलवार को क्राइम सीन रिक्रिएट करने के बाद मिली रिपोर्ट के बाद एसआईटी घटना की बाकी कड़ियां जोड़ने में लगी है।
सनबीम स्कूल की तीसरी मंजिल से गिरकर कक्षा 10 की एक छात्रा की 26 मई को मौत हो गई थी। घटना के दूसरे दिन मृतका के पिता ने स्कूल की प्रधानाचार्य रश्मि भाटिया, प्रबंधक बृजेश यादव व खेल अध्यापक अभिषेक कनौजिया के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, साक्ष्य छुपाने, षडयंत्र रचने व पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मुनिराज की ओर से रविवार को गठित 16 सदस्यीय एसआईटी की प्रारंभिक जांच में स्कूल प्रबंधन साक्ष्य मिटाने का आरोपी पाया गया लेकिन सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के आरोप के उसे पुख्ता सबूत नहीं मिले। लखनऊ से आई फोरेंसिक व मेडिकोलीगल विशेषज्ञों की टीम ने मंगलवार को क्राइम सीन रिक्रिएट किया।
सूत्र बताते हैं कि इसकी रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। विशेषज्ञों की राय और जांच के आधार पर छात्रा की मौत का राज स्कूल में ही छिपा होने की बात कही जा रही है। एसआईटी टीम के प्रभारी एसपी सिटी मधुबन सिंह का कहना है कि हम सही दिशा में जांच कर रहे हैं। छात्र की मौत की वजह, उसका कारण और जिम्मेदार लोगों के बारे में पुख्ता सबूत एकत्र किए जा रहे हैं।
एसआईटी जांच में मिला था दूसरा वीडियो
स्कूल प्रबंधन घटना के बाद छात्रा के झूले से गिरने की बात कह रहा था जबकि स्कूल की सीसीटीवी फुटेज में छात्रा छत से गिरते हुए दिखाई दी। सीसीटीवी में छात्रा के स्कूल में प्रवेश करने, प्रधानाचार्य के कक्ष में जाने व छत से गिरने तक का घटनाक्रम दर्ज है लेकिन सीढि़यों से छत पर जाने व नीचे गिरने के बीच सात मिनट का फुटेज पुलिस को नहीं मिल पाया।
एसआईटी की जांच में छात्रा के गिरने के बाद उसे गंभीर हालत में एक कर्मचारी द्वारा कंधे पर ले जाने का फुटेज भी मिला। सूत्रों के अनुसार सर्विलांस सेल ने यह फुटेज बैकअप से निकाला था। कुछ और फुटेज के मिलने की संभावना जताई जा रही है। फोरेंसिक टीम को कुछ स्थानों से खून के निशान मिले हैं, जो छात्रा के खून से मेल खाते हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रबंधक की मौजूदगी में घटनास्थल पर पड़े खून के दाग को मिटाया गया था।
आरोपों से घिरा है स्कूल प्रबंधन
घटना के बाद से ही स्कूल प्रबंधन आरोपों के घेरे में है। प्रबंधन पर छात्रा के झूले से गिरने की बात कहने, मौके से खून के निशान मिटाने, पुलिस को देर से सूचना देने और सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ करने जैसे कई आरोप लगे हैं। जांच के दौरान कुछ अन्य तथ्य भी पुलिस के सामने आए हैं, जिनसे स्कूल प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है।