श्रीराम चंद्र अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि पर किसानों ने मंगलवार को आपत्ति दर्ज कराई है। किसानों ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत आने वाली सभी सुविधाएं दिए जाने की मांग की है। साथ ही पड़ोस के गांव से ली गई भूमि के सर्किल रेट के चार गुने पर जमीन लिए जाने की बात कही है।
बता दें कि एयरपोर्ट के लिए चिंह्ति की गई लगभग 20 एकड़ जमीन के भू-स्वामियों ने सहमति के आधार पर जमीन का बैनामा नहीं किया था। इसको लेकर प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की है। इसके लिए अधिसूचना तीन अप्रैल को प्रकाशित की गई थी।
इस पर आपत्ति के लिए दो माह का समय दिया गया है। इस पर मंगलवार को 12 से ज्यादा किसानों ने अपर जिलाधिकारी भू-अर्जन प्रभाकांत अवस्थी को अपनी आपत्ति सौंपी। आपत्ति देने वालों में गंजा के त्रिलोकी यादव, सुरेश कुमार, धरमपुर के कैलाश पांडेय, कुसमाहा के राम लखन, जनौरा के हनुमान सिंह, देश दीपक श्रीवास्तव, दुर्गा प्रसाद यादव, लवकुश सहित अन्य शामिल रहे।
आपत्ति कर्ता त्रिलोकी यादव ने कहा है कि अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि ग्राम पूरे हुसैन व जनौरा से सटी है। जिसका सर्किल रेट व बाजार दर दोनों बहुत अधिक है। कहा कि पूरे हुसैन को आधार बनाकर गंजा के किसानों को मुआवजा दिया जाए।
चार साल से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया। जेवर एटरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 के हवाले से कहा कि यहां एक समान मुआवजा दिया गया। कहा कि यदि उनकी जमीने ली जानी है तो भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं प्रदान कर पड़ोस के गांव के रेट पर जमीने ली जाए। एडीएम एलए प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि भूमि अधिग्रहण मामले में अब तक 31 आपत्तियां आ चुकी हैं। आपत्तियां दो जून तक दी जा सकती हैं।