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अदालत में स्वयं लड़ रहे थे भगवान राम, हमने केवल कागजों की चौकीदारी कीः चंपत राय

Sat, 23 Nov 2019 07:42 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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सम्मान समारोह में मंच पर बैठे साधु-संत - फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद में रामलला के पक्ष में फैसला आने के बाद विश्व हिंदू परिषद की ओर से भूमिका निभाने वाले अधिवक्ताओं का सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि राम जन्म भूमि का मुकदमा किसी मठ संस्था का मुकदमा नहीं था।

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मुकदमा भगवान रामलला विराजमान को वादी बनाकर दायर किया गया था। लड़ाई भगवान स्वयं अदालत में लड़ रहे थे, भगवान की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में जिन अधिवक्ताओं ने भगवान का पक्ष रखा संत, महंत और अधिवक्ता सब चाहते थे कि हम अपना पक्ष भगवान को प्रस्तुत करके आएं।

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की प्रति भगवान के गार्जियन कमिश्नर अयोध्या को सौंपी गई है।अधिवक्ताओं ने भगवान का आशीर्वाद दर्शन करके प्राप्त किया ,तो संतो ने यहां कार्यक्रम में अधिवक्ताओं को सामूहिक आशीर्वाद दिया। चंपत राय ने कहा अभी निर्णय आया है और सरकार को सारी व्यवस्थाओं को ठीक करने का 3 महीने का समय दिया गया है।
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3 महीने बाद सरकार क्या करती है उसके बाद सोचेंगे। विहिप की आगामी योजना जिसमें कोई सांस्कृतिक या धार्मिक आंदोलन जिस को आगे बढ़ाना चाहती हो उस पर बोले विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय एक जिम्मेदार का कर्तव्य है कि पहले एक उद्देश्य प्राप्त हो जाए मंदिर पर कलश लग जाए उसके बाद जो आगामी पीढ़ी होगी वह होगी स्वतंत्र। हमने केवल भगवान के कागजों की चौकीदारी की है इससे ज्यादा हम नहीं हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण व सीएस बैजनाथ के साथ पूरी टीम सम्मानित

अधिवक्ताओं को किया गया सम्मानित। - फोटो : अमर उजाला
विहिप की ओर से 92 साल के वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण व सीएस बैजनाथ के साथ उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया। देश के कोने कोने से राम जन्मभूमि का मुकदमा लड़ने वाले अधिवक्ताओं की टीम अयोध्या पहुंची। अयोध्या के साधु-संतों के बीच सभी को सम्मानित किया गया। अधिवक्ताओं के साथ साथ राम जन्मभूमि में शहीद कारसेवकों के परिवारों को भी सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाले अधिवक्ताओं में के परासरण, सीएस वैद्यनाथन, मदन मोहन पांडे, विक्रमजीत बनर्जी, पीवी योगेश्वरण, रिटायर्ड न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ, अधिवक्ता श्रीधरण, भक्ति वर्धन सिंह,  श्रीमती स्वरूपमा चतुर्वेदी, मुकुल सिंह, संतोष कुमार, अमित शर्मा, प्रवीण जी, शुभेंदु आनंद, आयुष आनंद अधिवक्ताओं के साथ साथ राम जन्मभूमि शहीद परिवारों को भी सम्मानित किया।

इनमें शहीद रमेश चंद्र मिश्र के पुत्र दिवाकर नाथ मिश्र शहीद महावीर अग्रवाल के पुत्र अभिषेक अग्रवाल शहीद रमेश पांडे के पुत्र सुरेश पांडे शहीद बासुदेव गुप्ता के पुत्र संजय गुप्ता को शामिल हैं। सम्मानित होने वाले सभी लोगों को अंग वस्त्र राम जन्म भूमि मंदिर का मॉडल देकर के सम्मानित किया गया। 

खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकताः साध्वी ऋतंभरा

- फोटो : अमर उजाला
सम्मान समारोह में राम जन्मभूमि में अग्रणी भूमिका निभाने वाली साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि हम वो दिन भूले नहीं हैं कि जब गांव-गांव जाकर युवाओं को प्रोत्साहित करके लाया जाता था और वह कारसेवक यह नहीं कहते थे कि मैं भगवान को माला चढ़ाने हैं वह कहते थे कि मैं अपने बैग में कथन लेकर के आया हूं जो भगवान श्री राम के लिए समर्पित है।

साध्वी ने कहा कि हम लोगों ने अपनी अपनी भूमिका का निर्वहन किया राम जी ने जिसको जो भूमिका दी वह अपनी भूमिका का निर्वाहन करके मंदिर निर्माण में भूमिका निभाई है। आज की खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता केवल इसको महसूस किया जा सकता है। साध्वी ऋतंभरा ने परासरण और वैद्यनाथन का तिलक कर सम्मानित किया।

सम्मान समारोह में राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा की अयोध्या भूमि विश्व की सबसे पावन भूमि है क्योंकि यहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्म हुआ है और जन्म भूमि के मुकदमे में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले सभी अधिवक्ताओं वह सभी लोगों का मैं सम्मान करता हूं कि सबके सार्थक प्रयास से आज सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्म भूमि के पक्ष में अपना फैसला सुनाया। 
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सभी अधिवक्ताओं ने पूरी भूमिका अपनी तमन्ना से निभाई

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद साधु, संत व अन्य लोग। - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम का संचालन करे रहे विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने बताया की अयोध्या मामले में एक पूरी टीम काम कर रही थी जिसमें 65 से 70 अधिवक्ता लगे हुए थे जबसे मामला सुप्रीम कोर्ट में गया रात को 12:00 बजे तक किसका अध्ययन होता था इसमें सभी अधिवक्ताओं ने पूरी भूमिका अपनी तमन्ना से निभाई। जिसके लिए आज भगवान श्री राम की नगरी में शब्द रूपी सम्मान से अयोध्या के संतों द्वारा इन महान विभूतियों का सम्मान किया गया।

राय ने बताया कि अगर राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े सभी दस्तावेजों को अयोध्या लाया जाए तो एक ट्रक बुक करना पड़ेगा हमें और हम प्रयास करेंगे कि सारे दस्तावेज अयोध्या आए। कार्यक्रम में दशरथ महल के महंत बिंदुगद्दयाचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य, जगद्गुरु रामानुजाचार्य विद्या भास्कर जी महाराज, जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री धराचार्य जी महाराज, गोलाघाट के महंत सिया किशोरी चरण, राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास जितेंद्र आनंद सरस्वती बड़े भक्तमाल के महंत अवधेश दास मौजूद रहे। 

इनके अलावा उदासीन आश्रम के महंत भरत दास तिवारी मंदिर के महंत गिरीश पति त्रिपाठी मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास। अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह विधायक वेद गुप्ता विधायक गोरखनाथ बाबा विधायक रामचंद्र यादव विधायक शोभा सिंह विश्व हिंदू परिषद के दिनेश जी विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा भाजपा जिला अध्यक्ष अवधेश बादल भाजपा जिला महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव सहित अयोध्या के हजारों संत महंत एवं विहिप के पदाधिकारी व आम लोग उपस्थित रहे।
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