अयोध्या के अधिगृहीत परिसर स्थित विराजमान रामलला की जमीन की नए सिरे से पैमाइश किए जाने की तैयारी है। यह कार्रवाई सरकार की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए जाने वाले ट्रस्ट को जमीन सौंपने के पहले जांच के मद्देनजर की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अपने फैसले में अधिगृहीत परिसर स्थित 2.77 एकड़ भूमि सरकार के बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सौंपे जाने का आदेश दिया है। सरकार मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने की तैयारी कर रही है तो यहां प्रशासन भी जमीन ट्रस्ट को सौंपे जाने के पहले की तैयारी में जुट गया है।
हालांकि अधिगृहीत परिसर स्थित 2.77 एकड़ जमीन की सीमांकन करके पत्थर पहले ही लगाए गए हैं, लेकिन ट्रस्ट को जमीन सौंपने के पहले इसकी क्राॅस चेकिंग (पैमाइश) की जाएगी। सूत्रों की मानें तो इस पैमाइश के लिए विभाग गैर जनपदों के जानकार लोगों को लाना चाहता है।