लखनऊ। शहर में होटल का निर्माण कराना अब और भी आसान होगा। इसके लिए भू-उपयोग की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। न्यू बिल्डिंग बायलॉज के तहत अब किसी भी तरह के लैंड यूज में होटल का नक्शा पास किया जाएगा। इससे शहरों में रियल एस्टेट सेक्टर के साथ-साथ होटल व्यवसाय को भी पंख लगेगा। एलडीए की तरफ से इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत टीम ने चारबाग में होटल व्यापारियों के साथ बैठक की। एलडीए के संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह, जोनल अधिकारी वंदना पांडेय, मानचित्र सेल के सहायक अभियंता सतीश यादव ने बताया कि नए नियमों के तहत बिल्डर छोटे भूखंडों पर नक्शा पास करा सकेंगे और ऑनलाइन पंजीकरण से समय और लागत की बचत होगी। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति से लोगों को अधिक आय के अवसर मिलेंगे। साथ ही अधिक निर्माण क्षेत्र और ऊंचाई की छूट से कम जमीन पर बड़े प्रोजेक्ट्स संभव होंगे। होटल के लिए एनओसी की बाध्यता भी समाप्त की गई है।
बैठक में मौजूद लोग।