लखनऊ। सावन की रिमझिम के बीच 10 दिवसीय मेघ मल्हार कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। इसका आयोजन वाइब्रेंट फोक आर्ट एंड कल्चर सोसायटी और हिंदू सेना संगठन ने संयुक्त रूप से अटलपुरी सेक्टर 1 स्थित ब्रह्मदेव मंदिर में किया। कार्यशाला में महिलाओं को अवधी भाषा के भजन, कजरी और झूला गीत सिखाए गए। पारंपरिक लोकगीतों का भी प्रशिक्षण दिया गया। आयोजक वंदना मिश्रा ने कहा कि लोकगीत परंपरा को संरक्षित करना मुख्य लक्ष्य है। महिलाओं को कला और संस्कृति के माध्यम से स्वावलंबी बनाना भी इसका उद्देश्य है।