लखनऊ। साइबर जालसाज ने खुद को ट्रेजरी अधिकारी बताकर रिटायर्ड डीजीपी और रिटायर्ड आईजी को फोन कर खाते से संबंधित जानकारी हासिल करने का प्रयास किया। पहले से सतर्क रिटायर्ड डीजीपी ने जालसाज को फटकार लगाई और तुरंत पुलिस कमिश्नर को फोन कर मामले की शिकायत की।
रिटायर्ड डीजीपी सुलखान सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम पांच बजे अनजान नंबर से उनके पास कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को जवाहर भवन में तैनात ट्रेजरी अधिकारी बताते हुए जीवित प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने की बात कहते हुए पेंशन खाता बंद किए जाने की बात कही। जालसाज ने पेंशन खाता चालू रखने के एवज में खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी व ओटीपी मांगा। जालसाज की मंशा भांपकर सुलखान सिंह ने उसे फटकारते हुए कॉल काट दी। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर को फोन कर मामले की जानकारी दी। सुलखान सिंह ने बताया कि इसी तरह सेवानिवृत्त आईजी ओपी त्रिपाठी को भी जालसाज ने ट्रेजरी अधिकारी बन फोन करके ठगी का प्रयास किया। मामले में पुलिस छानबीन कर रही है।