पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार देर रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाते समय माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मेडिकल कॉलेज के पास मीडिया कर्मी बनकर आए तीन बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
...रात करीब 10:30 बजे का समय था। प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय के गेट के अंदर मीडिया का जमावड़ा था। सबकी निगाह पुलिस की अभिरक्षा में वहां पहुंचे माफिया डॉन अतीक अहमद व उसके भाई अशरफ पर थी। पुलिस के घेरे को चीरकर मीडियाकर्मी उससे सवाल दागने लगे।
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हमने अतीक अहमद से पूछा कि आपके बेटे का जनाजा उठा है। आपको उसका चेहरा देखने का मौका तक नहीं मिला। इस पर आप क्या कहेंगे? कैमरों के सामने अतीक ने सवाल का जबाव देना शुरू ही किया था कि गोली चलने की आवाज आई और अतीक जमीन पर गिर पड़ा।
कोई कुछ समझ पाता तब तक एक और गोली चली जो कि उसके भाई अशरफ को जा लगी। इसके साथ ही पूरा माहौल गोलियों की तड़ातड़ गूंज उठा। वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई...हर कोई खौफ में था। हम गिरते-पड़ते चोट खाए किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे।
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हमको अंदाजा भी नहीं था कि हमला करने आए शूटर रिपोर्टर और कैमरामैन बनकर हमारे साथ ही खड़े हैं। इनमें से एक के पास माइक आइडी थी। एक कैमरा पकड़े हुए था जिससे वह शायद पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर रहा था। गेट से अंदर जाते समय यह सब हुआ।
करीब दो से तीन मिनट इस बातचीत में लगे होंगे। इसके बाद तीनों ने गोली चलानी शुरू कर दी। पहली गोली अतीक को लगी। इसके बाद हम लोग अपनी जान बचाकर भागे। हमारे पीछे गोली चल रही थीं। मेरा कैमरामैन भागते में गिर गया। उसका कैमरा भी पीछे हाथ से गिर गया जोकि घटनास्थल पर ही छूट गया।...ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा था।
लगातार पीछा कर रहे थे हम
पुलिस रिमांड पर अतीक और अशरफ की हर खबर को कवर करने के लिए हम लखनऊ से जाने के बाद लगातार उनका पीछा कर रहे थे। शनिवार की रात अतीक और उसके भाई को पीपल गांव की तरफ से लाया गया था। मैं अपने कैमरामैन के साथ उनका पीछा करता रहा कि आखिर कहां ले जाया जाएगा?
पुलिस दोनों को पहले धूमनगंज थाने ले गई।
कुछ देर तक पुलिस यहां उनको लेकर रुकी रही। हम भी इंतजार करते रहे। पुलिस इसके बाद दोनों को लेकर रात करीब 10:15 बजे निकली। पूछा तो बताया गया कि मेडिकल कराने ले जा रहे हैं। हमने भी पीछा किया और मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय पहुंच गए जोकि करीब सात किमी. दूर थाने से है। इसके बाद जो हुआ वो अप्रत्याशित रहा। वो मंजर अभी तक आंखों के सामने है। (लखनऊ से प्रयागराज कवरेज पर गए एक न्यूज एजेंसी के रिपोर्टर की आंखों देखी)
माफिया अतीक और अशरफ की पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या
आपको बता दें कि पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार देर रात प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाते समय माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मेडिकल कॉलेज के पास मीडिया कर्मी बनकर आए तीन बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना की सूचना पर पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। खबर लिखे जाने तक मौके पर भारी फोर्स के साथ-साथ कई वरिष्ठ अफसर पहुंच गए थे। गोलीबारी में एक सिपाही भी घायल होने की सूचना है। उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ चार दिन की पुलिस कस्टडी में थे।
मीडियाकर्मी बनकर आए थे दो बदमाश
शनिवार को तीसरे दिन धूमनगंज थाने के लॉकअप में बंद अतीक व अशरफ से एटीएस ने हथियार तस्करी की बाबत पूछताछ की थी। रात लगभग साढ़े दस बजे जब दोनों को रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था। तभी मीडियाकर्मी बनकर तीन बदमाश बाइक से आए और ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी।