विधानसभा में मामला उठने के बाद जांच करने पहुंची उच्च स्तरीय टीम
जांच में एनटीपीसी की राख व धुएं से आसपास गांव के लोग प्रभावित मिले
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊंचाहार (रायबरेली)। एनटीपीसी परियोजना की वजह से आसपास के गांवों में हो रहे प्रदूषण का मुद्दा गरमा गया है। चार माह पहले क्षेत्रीय विधायक ने मामले को विधान सभा में उठाया था। जांच के लिए बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय सपा विधायक डाॅ. मनोज कुमार पांडेय, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी डॉ. रामकर्ण कई उच्चाधिकारियों के साथ डीएम माला श्रीवास्तव गांव पहुंचीं। इस दौरान जिले के स्वास्थ्य विभाग की टीम भी थी। गांव में प्रदूषण से हो रही बीमारियों सहित अन्य समस्याओं की जांच की। जांच में प्रदूषण का प्रभाव होने की बात सामने आई है, लेकिन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि गड़बड़ी कहां और कितनी है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों की टीम को बताया कि एनटीपीसी परियोजना की चिमनियों से राख उड़कर आसपास के गांवों में जाती है। इसकी वजह से लोग स्वांस रोग के मरीज हो रहे हैं। गांवों में सीपेज के चलते हैंडपंपों से दूषित पानी निकलता है। क्षेत्रीय विधायक के मुद्दा उठाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने इसकी जांच कराने का निर्देश दिया था। जांच के लिए अधिकारियों की टीम विधायक की मौजूदगी में रायपुर गांव पहुंची तो हालात बेहतर नहीं मिले।
गांव के लोगों ने बताया कि दूषित पानी के प्रभाव से लोग बीमार हो रहे हैं। गांव के चार हैंडपंपों से पानी का सैंपल भरा गया है। बिकई गांव में अधिकारियों ने लोगों के घरों में जमी कोयले की राख देखी। घरों के अंदर इलेक्ट्रॉनिक सामानों, छप्परों व खिड़कियों पर राख की परत जमी थी। इस संबंध में अधिकारियों ने परियोजना प्रबंधन से पूछताछ की। अधिकारियों ने प्रदूषण रोकने के लिए फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन सिस्टम लगाने व गांवों में दवाओं का वितरण करने की बात कही। डीएम ने राख के ओवरलोड ट्रकों से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर नाराजगी जताई और इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा। टीम में जिले के अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।
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हवा में जहर से लोग खांसी, टीबी व कैंसर से ग्रसित-विधायक
क्षेत्रीय विधायक डॉ. मनोज पांडेय ने मीडिया से कहा कि एनटीपीसी परियोजना क्षेत्र के लोगों का शोषण कर रही है। हवा में घुली जहर से लोग खांसी, टीबी व कैंसर जैसी घातक बीमारियों से ग्रसित हैं। दूषित पानी से बच्चे दिव्यांग हो रहे। सड़क पर यमदूत बनकर दौड़ रहे राख के ट्रकों से अबतक 493 लोग मौत का शिकार हो चुके हैं। ठेकेदार परियोजना के अधिकारियों के मिलीभगत से मजदूरों की आधी मजदूरी वापस लेकर शोषण कर रहे हैं। जांच टीम ने सभी बिंदुओं को देखा है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। यदि मामले में अधिकारियों ने गड़बड़ी करने की कोशिश की तो विधायकों की टीम से जांच कराई जाएगी। हम क्षेत्र के लोगों का शोषण रोकने के लिए एनटीपीसी परियोजना के गेट पर धरना देने से भी नहीं हटेंगे।
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डीएम-एसपी ने किया गोकना घाट का निरीक्षण
डीएम माला श्रीवास्तव, एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बृहस्पतिवार को गोकना घाट का निरीक्षण किया। कांवड़ यात्रा को देखते हुए घाटों की सफाई कराने के निर्देश दिए। यात्रा के दौरान ट्रैफिक को भी कंट्रोल किया जाए। साथ ही घाटों पर बैरीकेडिंग कराई जाए। कांवड़ यात्रा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहे। भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।