जियामऊ इलाके में शत्रु संपत्ति पर कब्जा करके धोखाधड़ी से उसकी फर्जी रजिस्ट्री कराने के आरोपी माफिया मुख्तार अंसारी के पुत्र उमर अंसारी के खिलाफ विशेष कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। एमपीएमएलए के विशेष एसीजेएम अम्बरीश श्रीवास्तव ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख तय की है।
इस मामले में पुलिस विवेचना के बाद मुख्तार अंसारी , अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के के खिलाफ चार्जशीट दायर कर चुकी है। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्तार को पुलिस कोर्ट में हाजिर करती रही। पुत्र उमर और अब्बास के फरार होने के कारण उन्हें कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। इस पर कोर्ट ने मुख्तार की फाइल को अब्बास और उमर से अलग करते हुए इन दोनों मामलो की अलग सुनवाई का आदेश दिया था।
इससे पूर्व मामले की सुनवाई के दौरान जेल में बंद आरोपी और विधायक अब्बास अंसारी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया था लेकिन दूसरा आरोपी उमर अंसारी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इसपर कोर्ट ने उमर के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया था, लेकिन पुलिस इसका तामीला नहीं करा पाई। इस मामले की रिपोर्ट लेखपाल सुरजन लाल ने 27 अगस्त 2020 को थाना हजरतगंज में दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्तार अंसारी और उनके पुत्र अब्बास और उमर अंसारी ने कूट रचित दस्तावेज तैयार करके सरकारी निष्क्रांत भूमि पर अपराधिक साजिश कर अनुचित तरह से एलडीए से नक्शा पास कराकर अवैध निर्माण कराया है।