कोर्ट में हाजिर होकर अपनी सफाई में साक्ष्य देने की जगह हाजिरी माफी व सुनवाई की अगली तारीख देने की मांग वाली अर्जी देना प्रदेश सरकार के मंत्री मोहसिन रजा को भारी पड़ गया। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अम्बरीष श्रीवास्तव ने मंत्री की ओर से दी गई अर्जी को खारिज करते हुए उनकी सफाई साक्ष्य का मौका समाप्त कर दिया। साथ ही कोर्ट ने मंत्री मोहसिन रजा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने मामले में आरोपी के हाजिर होने और बहस के लिए पांच मार्च की तारीख तय की है।
बृहस्पतिवार को कोर्ट में सुनवाई के समय आरोपी मंत्री मोहसिन रजा गैरहाजिर थे। उनकी तरफ से वकील ने मंत्री की हाजिरी माफी अर्जी के साथ ही स्थगन अर्जी पेश की गई। कोर्ट ने अर्जी को खारिज करते हुए कहा है कि मामला आज बचाव पक्ष के साक्ष्य के लिए नियत है। लेकिन आरोपी की ओर से बचाव साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने और स्थगन प्रार्थना पत्र देने के कारण आधार अपर्याप्त हैं। अदालत में 32 वर्ष पुराने इस मामले में एक अन्य आरोपी अकबर हुसैन हाजिर था। पत्रावली के अनुसार, मारपीट के इस मामले की रिपोर्ट वादी लल्लन ने 19 मई 1989 को आरोपी अरशद उर्फ मोहसिन रजा और अकबर हुसैन के विरुद्ध थाना वजीरगंज में लिखाई थी जिसमें कहा गया था कि वादी घटना के दिन ट्रक लेकर नबीउल्लाह रोड से बड़े छत्ते पुल की तरफ जा रहा था तभी दोनों आरोपियों ने उसे ट्रक से खींचकर पीटा जिससे उसे काफी चोटें आईं थीं।