बछरावां (रायबरेली)। बछरावां कस्बे के समधनेश्वर मंदिर से सटी जमीन पर बने प्रधानमंत्री आवासों को हटाने का मामला तूल पकड़ रहा है। रविवार को कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। पुलिस से नोकझोंक हुई।
मौके पर पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष ने इसका विरोध किया तो पुलिस लौट गई। नगर पंचायत अध्यक्ष ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो थाने का घेराव कर हंगामा किया गया।
समधनेश्वर मंदिर के पास बंजर और तालाब की बीच की जमीन पर नगर पंचायत प्रशासन ने 11 प्रधानमंत्री आवासों का आवंटन किया है। अब राजस्व विभाग ने लाभार्थियों को नोटिस दिया है। इस पर शनिवार को पूर्व विधायक राम लाल अकेला ने विरोध प्रदर्शन किया था। रविवार को पुलिस ने जब मौके पर अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया तो नगर पंचायत अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह उर्फ रामजी धरने पर बैठ गए।
कुछ देर बाद पूर्व विधायक व भाजपा नेता रामलाल अकेला भी पहुंच गए। इसके बाद महाराजगंज तहसील के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विद्यासागर अवस्थी के नेतृत्व में ग्रामीणों के साथ कोतवाली का घेराव किया गया।
कोतवाली में धरने पर बैठीं महिलाएं
कोतवाली परिसर में महिलाएं धरने पर बैठ गईं। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए हंगामा किया। इसके बाद कोतवाल ओमप्रकाश तिवारी से पूर्व विधायक, नगर पंचायत अध्यक्ष महाराजगंज व तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने वार्ता की। कोतवाल ओमप्रकाश तिवारी का कहना था की तहसील प्रशासन के आदेश पर उन्होंने पुलिस भेजी थी।
आधे घंटे चली बातचीत के बाद कोतवाल ने आश्वासन दिया कि पुलिस पूरे मामले से दूरी बनाएगी। इस मौके पर बछरावां भाजपा मंडल प्रवेश वर्मा, मयंक रंजन, पिंटू वर्मा, सभासद वीरभान, बालकृष्ण पांडेय, मोहम्मद नदीम, राजकुमार गुप्ता, आकाश आदि मौजूद रहे।
लखनऊ हाईकोर्ट में एक पीआईएल दायर कि गई थी। जिसमें जिला प्रशासन से जवाब मांगा गया था। जिला प्रशासन के आदेश पर की पैमाइश कराई गई है। 11 लोगों के मकान सरकारी जमीन पर बने हुए हैं, जिन्हें नोटिस दिया गया है।
- राजित राम गुप्ता, उप जिलाधिकारी