शहीद बाबा दीप सिंह के जन्मदिवस पर दो दिवसीय गुरमति समागम शनिवार से ऐतिहासिक यहियागंज गुरुद्वारा साहिब में शुरू हुआ।
बाबा दीप सिंह सेवा सोसायटी की ओर से शुरू हुए समारोह के पहले दिन शाम को फूलों से सजे दीवान में गुरु को पालकी पर विराजा गया।
अमृतसर से पधारे दरबार साहिब के ग्रंथी ज्ञानी जसविंदर सिंह ने बाबा दीप सिंह की जीवनी बखानी।
संगत ने गुरु को मत्था टेका। माता कौला भलाई केंद्र अमृतसर से पधारे भाई सुरिंदर सिंह ‘मनी’ ने गुरुवाणी से संगत को निहाल किया।
लुधियाना से आए भाई सतिंदर सिंह सारंग’ ने भी संगत को निहाल किया।