लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री उषा योजना (पीएम-उषा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) की वित्त वर्ष 2026-27 की पहली बैठक सोमवार को हुई जिसमें विभिन्न समितियों का पुनर्गठन और उपकरणों की लेबलिंग शामिल जैसे निर्णय लिए गए।बीओजी ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कमेटी के पुनर्गठन को मंजूरी दी। कुलपति प्रो. जेपी सैनी को क्रय समिति और तकनीकी समिति के पुनर्गठन के लिए अधिकृत किया गया। प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) को पीएम-उषा योजना के तहत चल रहे कार्यों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। बीओजी ने यह भी निर्णय लिया कि पीएम-उषा योजना के तहत अब तक खरीदे गए सभी उपकरणों की लेबलिंग की जाए। साथ ही, नए उपकरणों की खरीद के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे। बैठक में कुलपति प्रो. जेपी सैनी, प्रो. अरविंद मोहन, प्रो. शीला मिश्रा, प्रो. आरके वर्मा, प्रो. अनूप कुमार भारतीय और कुलसचिव भावना मिश्रा आदि उपस्थित रहे।