लखनऊ। उलमा ने इस बार ईद सादगी से मनाने की अपील की है। साथ ही ईद के बजट का आधा हिस्सा गरीबों को देने का आह्वान किया। वहीं, रविवार को रमजान का नौवां रोजा रोजेदारों ने अपने घरों में इबादत कर गुजारा और रब का शुक्र अदा किया। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष व ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि देश समेत पूरी दुनिया आज कोरोना वायरस की चपेट में है। यह ऐसा भयानक वायरस गांव से लेकर शहर तक फैल चुका है। इसको फैलने से रोकने के लिए इबादतगाह, तालीमगाह, खेलकूद के मैदान, बाजार और अन्य स्थान बंद हैं यानी संपूर्ण लॉकडाउन है। इस भयानक दौर में मजदूर और गरीब लोग सबसे ज्यादा परेशान है। वह खाने-पीने के मोहताज हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में सुकून देने वाली बात है कि इंसानियत का दर्द रखने वाले लोग जरूरतमंदों की सहायता और सहयोग के कामों में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जिसके अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। ऐसे हालात हमें ईद सादगी के साथ मनानी चाहिए। मौलाना ने कहा कि ईद में अपने घरों में अच्छे पकवान बनाए, लेकिन ईद के बजट का 50 फीसदी गरीबों पर खर्च करें। उन्होंने कहा कि ईद पर नए कपड़े न बनवाये। जो गरीब परिवार कपड़े और खाना नहीं ले सकते है। उनकी मदद करें। मौलाना ने कहा कि अल्लाह से हमारी दुआ है की इस बीमारी से सभी को निजात दे।