मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल।
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सूत्रों के मुताबिक भाजपा खेमा भी अब अनुप्रिया द्वारा पत्र लिखने के पीछे की वजहों की तलाश में जुटा गया है। दरअसल, भाजपा खेमे में इस बात की जोरदार चर्चा है कि अनुप्रिया ने यह कदम अनायास ही नहीं उठाया है। इसके पीछे किसी न किसी का हाथ जरूर है। वह हाथ किसका है, इसका पता लगाया जाएगा।
यह भी है वजह
यह भी माना जा रहा है लोकसभा चुनाव में चुनाव जीतने वाले दो मंत्रियों के स्थान पर प्रदेश मंत्रिमंडल में होने वाले विस्तार और एमएलसी के रिक्त पदों पर चुनाव को देखते हुए ही अनुप्रिया ने यह कदम उठाया है। जिससे प्रदेश सरकार पर दबाव बनाया जा सके। वह पहले से ही प्रदेश सरकार में अपने कोटे से एक और मंत्री बनाने का मुद्दा उठाती रही हैं।
लालजी वर्मा की वजह से भी बढ़ा दबाव
दरअसल, हाल में ही सपा सांसद और कुर्मी चेहरा लालजी वर्मा ने हाल में ही एसजीपीजीआई की भर्ती में ओबीसी अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया था। एसजीपीजीआई में जिस डाॅ. सर्वेश कुमार चौधरी का मुद्दा उठा है, वह लालजी वर्मा के रिश्तेदार हैं। सोशल मीडिया पर वर्मा द्वारा उठाए गया यह मुद्दा गरम हुआ तो इससे अनुप्रिया पर भी दबाव बढ़ गया। माना जा रहा है कि उनको यह लगा कि कहीं इस मुद्दे के जरिए लालजी वर्मा कुर्मी बिरादरी में उनके लिए मुश्किल न खड़ी कर दें। लालजी वर्मा और अनुप्रिया एक ही बिरादरी की हैं। दोनों इस मुद्दे के जरिए बिरादरी का वोटबैंक अपने पाले में करने की जुगत में लगे हैं।