लखनऊ। केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में शुक्रवार देर रात मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि गंभीर मरीज को डॉक्टर देखने नहीं आ रहे थे। जब उनसे ऐसा करने के लिए कहा तो वे नाराज हो गए और मरीज देखने से इन्कार कर दिया। जब मरीज की मौत हो गई, तब डॉक्टरों ने सीपीआर देना शुरू किया। केजीएमयू प्रशासन ने आरोपों का खंडन किया है।
डालीगंज निवासी इस्तियाक अहमद ने बताया कि उनकी सास खुर्शीदा बानो का इलाज केजीएमयू से कई सालों से चल रहा था। शुक्रवार रात उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ तो वे लारी लेकर पहुंचे। यहां खून की जांच के लिए सैंपल भेजा गया। इस बीच उनकी सास बदहवास होने लगी तो डॉक्टरों से उन्हें देखने का अनुरोध किया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने कह दिया, ये ज्यादा शोर कर रहे हैं, इनके मरीज को नहीं देखा जाएगा।
इस्तियाक का आरोप है कि जब उनकी सास मरणासन्न हो गईं, तब डॉक्टरों ने उन्हें सीपीआर देना शुरू किया है, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। घटना का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
केजीएमयू के मीडिया सेल इंचार्ज प्रो. केके सिंह का कहना है कि मरीज का कई सालों से यहीं से इलाज चल रहा था। उन्हें बेहोशी की हालत में लाया गया था। हार्ट अटैक के बारे में जानकारी के लिए ट्रॉप-टी टेस्ट का सैंपल भेजा गया था। केस न्यूरोलॉजी का लग रहा था, इसलिए शिफ्ट कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। इस दौरान हालत खराब हो गई। डॉक्टरों ने सीपीआर दिया, पर जान नहीं बचाई जा सकी।